निजी स्कूलों के लिए जनसंपर्क एजेंसी की तरह काम कर रही है सरकार : अमिथ लिम्‍बू

17 स्‍कूलों को बंद करने के निर्णय पर सीएपी ने सरकार को घेरा

गंगटोक : राज्य शिक्षा विभाग द्वारा चालू वर्ष में 17 और सरकारी प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए सिटीजन एक्शन पार्टी-सिक्किम (CAP) ने आम लोगों के साथ घोर विश्वासघात करार दिया है। सीएपी ने सरकार ने निजी स्कूलों के प्रति अपना झुकाव बंद कर सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने की मांग की है।

पार्टी के ऑल सिक्किम स्टूडेंट वेलफेयर काउंसिल महासचिव अमिथ लिम्बू (Amith Limboo) ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सरकार का यह निर्णय महज एक प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि एक अंतिम चेतावनी है। ऐसे में, उनका संगठन सिक्किम के हर नागरिक से राज्य के भविष्य के साथ होने वाली इस सच्चाई की पहचान करने का आह्वान करता है।

लिम्बू ने इसे आम नागरिक के साथ किया गया घोर विश्वासघात बताते हुए कहा कि यह सत्ताधारी एसकेएम सरकार के विनाशकारी शासन और उसकी उस स्पष्ट मंशा का सीधा परिणाम है, जिसके तहत वह मेहनतकश आम आदमी के बजाय धनवानों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर हमारे सरकारी स्कूलों पर एक-एक करके ताले लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हम देख रहे हैं कि सरकार का नेतृत्व महंगे निजी संस्थानों का उद्घाटन करने और उनका जोर-शोर से प्रचार करने में व्यस्त है। लिम्बू के अनुसार, यह हर सिक्किमवासी परिवार को एक स्पष्ट और खतरनाक संदेश देता है कि यदि आप गरीब हैं, तो आपका स्कूल बंद हो जाएगा। यदि आप अमीर हैं, तो सरकार आपको किसी निजी अकादमी में दाखिला दिलाने में मदद करेगी।

इसके साथ ही, सीएपी छात्र नेता Amith Limboo ने सरकार पर निजी स्कूलों के लिए एक जनसंपर्क एजेंसी की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे प्राथमिक स्कूलों का आधुनिकीकरण करने और छात्रों को वापस लाने के लिए राज्य के संसाधनों का उपयोग करने के बजाय, वे निजी मालिकों के लिए एकाधिकार की स्थिति पैदा कर रहे हैं। हमें बताया गया था कि 2024 में 97 स्कूलों को बंद करने से यह व्यवस्था मजबूत होगी। वह एक झूठ था। दो साल बाद, केवल एक ही चीज “मजबूत” हुई है, और वह है अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का सरकार का इरादा।

ऐसे में, लिम्बू ने राज्य वासियों से इसे एक एक चेतावनी की तरह लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हम तब तक चुप नहीं रह सकते, जब तक कि मौजूदा प्रशासन हमारे बच्चों की शिक्षा को एक ऐसे व्यवसाय की तरह देख रहा है, जो खुला रखने के लिए पर्याप्त रूप से लाभदायक नहीं है। शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, न कि लाभ-हानि का कोई बही-खाता। लिम्बू ने कहा, सिटीजन एक्शन पार्टी’ और ‘ऑल सिक्किम स्टूडेंट वेलफेयर काउंसिल’ यह मांग करते हैं कि सरकार निजी क्षेत्र के प्रति अपने इस अत्यधिक झुकाव को रोके और तत्काल सार्वजनिक क्षेत्र में पुनः निवेश करे। अगर वे बड़े-बड़े विज्ञापनों और निजी स्कूलों के उत्सवों के लिए बजट का इंतजाम कर सकते हैं, तो वे 17 प्राथमिक स्कूलों को चालू रखने के लिए भी बजट का इंतजाम कर सकते हैं।

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