मंगन : सिक्किम की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया टिसाफी ने आज ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए जिले के टूंग नागा का दौरा किया। इस दौरान, राजदूत के साथ उनके पति जुर्ग पीटरमैन; प्रथम सचिव साइमन सेवन शेफर; आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन एवं त्वरित प्रतिक्रिया पर वरिष्ठ क्षेत्रीय सलाहकार पियरे-यवेस पिटेलौड; एससीए-हिमालय की टीम लीडर दिव्या मोहन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद थे।
इस प्रतिनिधिमंडल के मंगन पहुंचने पर मंगन बीडीओ कैलाश थापा ने स्वागत किया। थापा जीएलओएफ के दौरान टूंग नागा जीपीयू के घटना कमांडर भी थे और यह इलाका उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में आता है। उनके साथ मंगन एसएचओ प्रशांत राय भी मौजूद थे। वहीं, टूंग नागा पहुंचने पर, प्रतिनिधिमंडल का कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष निम छिरिंग लेप्चा के साथ पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्यों, ग्राम पंचायत सदस्यों और अन्य पीआरआई पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
इस जमीनी दौरे के दौरान, बीडीओ कैलाश थापा ने राजदूत और उनके प्रतिनिधिमंडल को इलाके में जीएलओएफ के असर के बारे में जानकारी दी और बुनियादी ढांचे तथा आजीविका को हुए नुकसान पर खास तौर पर रोशनी डाली। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा तत्काल राहत एवं पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों के साथ-साथ जिले के संवेदनशील इलाकों में दीर्घकालिक आपदा तैयारी और लचीलेपन को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी विस्तार से बताया।
इस पर, राजदूत ने आपदा से निपटने में जिला प्रशासन और स्थानीय समुदायों के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा जलवायु लचीलेपन के क्षेत्र में लगातार सहयोग और ज्ञान साझा करने के महत्व पर जोर दिया।
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