गंगटोक : सिक्किम लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है और प्रमुख विपक्षी सिटीजन एक्शन पार्टी (सीएपी ) और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ ) ने इसमें गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस भर्ती परीक्षा के नतीजे 26 नवंबर को घोषित किए गए थे।
SDF नारी मोर्चा प्रमुख कोमल चामलिंग (Komal Chamling) के नेतृत्व में आज पार्टी सदस्य स्थानीय एसपीएससी कार्यालय पहुंचे। हालांकि, वहां अध्यक्ष और सचिव समेत बड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण वे उनसे नहीं मिल सके। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए कोमल चामलिंग ने कहा, जैसे ही हमने एसआई परीक्षा नतीजों से जुड़े आरोप सुने तो पार्टी ने तुरंत एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। कई उम्मीदवारों ने अलग-अलग तरीकों से हमसे संपर्क किया और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हमें लगा कि एक जिम्मेदार विपक्षी पार्टी के तौर पर संबंधित विभाग से संपर्क करना हमारा फर्ज है।
चामलिंग ने कहा कि एसडीएफ का एक प्रतिनिधिदल एसडीडीसी कार्यालय गया था, लेकिन वहां अध्यक्ष और सचिव मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा, जब राज्य में इतना हंगामा हो रहा था, उस समय अध्यक्ष ऑफिस में नहीं थे और सचिव हमसे मिलने को तैयार नहीं थे। इसके बावजूद, हमारे प्रतिनिधियों ने परीक्षा कंट्रोलर से मिलकर अपनी चिंताएं बताईं। उन्होंने 34 साल की बढ़ी हुई उम्र सीमा, रोस्टर सिस्टम और पारदर्शी रिजल्ट प्रकाशित करने की मांग उठाई।
चामलिंग ने कहा, हमने सभी आरोपों पर सफाई मांगते हुए एक लिखित आवेदन दिया है। हमने हर उम्मीदवार के पूरे रिजल्ट भी मांगे हैं, जिसमें लिखित परीक्षा अंक, फिजिकल टेस्ट के अंक और सभी कैंडिडेट के इंटरव्यू पॉइंट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा कंट्रोलर ने उनसे किसी भी आधिकारिक बयान के लिए पांच तारीख को अध्यक्ष के लौटने तक इंतजार करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि कई उम्मीदवारों ने सालों की तैयारी के बाद इस परीक्षा से उम्मीदें लगाई थीं, और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, मुख्य मुद्दा यह है कि 39 सीटों में से, सत्तारूढ़ पार्टी के करीबी उम्मीदवारों को बहुत ज्यादा चुना गया है। पहले, मुख्यमंत्री ने सबके सामने कहा था कि जो लोग दो महीने तक पार्टी के लिए काम करेंगे, उन्हें सब-इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। यह बहुत चिंता की बात है।
इसी तरह, सिटीजन एक्शन पार्टी ने भी परीक्षा प्रक्रिया को सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े उम्मीदवारों के पक्ष में होने का दावा करते हुए कहा कि 39 में से 80 प्रतिशत से ज़्यादा पद कथित तौर पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा से जुड़े लोगों को मिली हैं। पत्रकारों से बात करते हुए, सीएपी प्रवक्ता अल्बर्ट गुरुंग ने कहा कि इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचने वाले कई उम्मीदवारों ने चयन प्रक्रिया के बारे में शिकायत लेकर पार्टी से संपर्क किया है। उन्होंने कहा, जिस दिन परीक्षा परिणाम प्रकाशित हुए उसी दिन हमने विरोध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की।
उन्होंने राजनीतिक प्रभाव में एसपीएससी के संवैधानिक रोल से समझौता किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह अब “एसपीएससी-एसकेएम सर्विस कमीशन” बन गया है। उन्होंने यह दावा भी किया कि चुने गए कई उम्मीदवार सत्तारूढ़ पार्टी के जाने-माने कार्यकर्ता हैं और कुछ ने हाल के चुनावों के दौरान एसकेएम के लिए कैंपेनिंग में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया था। उन्होंने दूसरे नंबर के उम्मीदवार की ओर भी इशारा किया, जो पहले से ही कौशल विकास विभाग में सहायक निदेशक के तौर पर काम कर रहा है और सत्तारूढ़ पार्टी के बहुत करीब है, जबकि तीसरे नंबर के एक और उम्मीदवार को एसकेएम पार्टी का सोशल मीडिया हैंडलर बताया गया।
सीएपी नेता ने इस संबंध में 2024 के चुनावों से पहले मुख्यमंत्री के कथित तौर पर दिए गए एक भाषण को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो लोग एसकेएम का झंडा और नारा उठाएंगे उन्हें इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। उन्होंने आगे दावा किया कि ऐसे मामले भी हैं जहां 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा में फेल हुए उम्मीदवारों ने भी चुनी गई लिस्ट में जगह बनाई है।
गुरुंग ने कहा, यह पहली बार नहीं है जब ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन इस बार यह खुलेआम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के करीबी लोगों और परिवार के सदस्यों ने भी जगह बनाई है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रीलिमिनरी परीक्षा में आधे से ज़्यादा सवालों के कई सही जवाब थे, जिससे पता चलता है कि पेपर पहले से तय था।
उन्होंने दूसरे राज्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश ने इसी तरह के विवाद के दौरान सभी चयनित उम्मीदवारों की मार्कशीट प्रकाशित की थी, जबकि सिक्किम में सिर्फ़ रोल नंबर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि सभी सिलेक्टेड कैंडिडेट्स की अलग-अलग मार्कशीट पब्लिक की जानी चाहिए। साथ ही, पार्टी ने एसपीएससी चेयरपर्सन से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की भी अपील की है। गुरुंग ने कहा, एसपीएससी चेयरपर्सन ने पार्टी और अपने लोगों का पक्ष लिया। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले से लोगों में गुस्सा है और अगर जरूरत पड़ी, तो एसपीएससी द्वारा रिजल्ट जारी किए जाने के बाद अगला कदम उठाया जा सकता है।
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