कंपनियों को लेकर नियम बनाए राज्य सरकार : पासांग ग्याली शेरपा

गंगटोक : राज्यसभा में सांसद डीटी लेप्‍चा द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि कंपनी अधिनियम, 2013 सिक्किम राज्य में लागू नहीं है। इसके चलते मंत्रालय सिक्किम की किसी भी कंपनी, स्टार्टअप, एमएसएमई या सहकारी संस्था को कोई समर्थन, छूट या सुविधा प्रदान नहीं कर सकता।

सामाजिक कार्यकर्ता पासांग ग्‍याली शेरपा (Passang Gyali Sherpa) ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि अब जिम्मेदारी पूरी तरह सिक्किम सरकार पर है कि वह 1961 के कंपनियों पंजीकरण अधिनियम से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दे को स्पष्ट करे और उस कमेटी रिपोर्ट को सार्वजनिक करे जिसे अब तक जारी नहीं किया गया है।

यह समय सिक्किम सरकार के लिए एक रणनीतिक अवसर भी है कि वह 1961 अधिनियम के आधार पर केंद्र सरकार से बातचीत कर अधिकतम लाभ प्राप्त करे, विशेषकर स्थानीय उद्योगों को संरक्षण देने, अनुच्छेद 371एफ के तहत संरक्षित पुराने कानूनों की रक्षा करने और निवेश-अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए।

राज्य सरकार को स्थानीय कंपनियों, स्टार्टअप्स, छोटे व्यवसायों और सहकारी संस्थाओं के लिए एक समर्पित सहायता तंत्र तुरंत स्थापित करना चाहिए। साथ ही इस कानूनी अनिश्चितता की अवधि में अस्थायी सुरक्षा उपायों की भी आवश्यकता है।

एक बहु-हितधारक सलाहकार पैनल और 1961 अधिनियम के तहत सभी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण भी आधुनिक और जवाबदेह प्रशासन के लिए अत्यंत आवश्यक है। सिक्किम अब किसी नियामक शून्य में नहीं चल सकता। जनता अब सरकार से त्वरित और निर्णायक कदमों की अपेक्षा करती है।

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