सोरेंग : सिक्किम सहकारी दूध उत्पादन संघ लिमिटेड के तत्वावधान में तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यभर में दुग्ध उत्पादकों को लक्षित करते हुए चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत आज सोरेंग-च्याखुंग समष्टि के कर्थोक ग्राम प्रशासनिक केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन, स्वच्छता संबंधी मानकों और वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों पर किसानों को प्रशिक्षण एवं संवाद प्रदान करना था। कार्यक्रम में सिक्किम मिल्क यूनियन के अध्यक्ष यम कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एसकेएम सरकार ने किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हित में अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा है। उन्होंने बताया कि दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा प्रति लीटर 8 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। साथ ही सिक्किम को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। अध्यक्ष शर्मा ने दुग्ध उत्पादकों से स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण दूध यूनियन को उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि सिक्किम मिल्क यूनियन सभी ग्वालाओं की साझा संपत्ति है।
सिक्किम मिल्क यूनियन के प्रबंध निदेशक डॉ टीबी घतानी ने जानकारी देते हुए बताया कि यूनियन की स्थापना वर्ष 1980 में हुई थी। वर्तमान में लगभग 18 हजार किसान इससे जुड़े हुए हैं और प्रतिदिन 60 से 65 हजार लीटर दूध का संग्रह किया जाता है। उन्होंने बताया कि यूनियन का वार्षिक कारोबार लगभग 150 करोड़ रुपये है, जिससे किसानों की आय और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। डॉ घतानी ने कहा कि यूनियन सहकारिता और आपसी सहयोग की भावना से संचालित होती है, इसलिए किसानों में स्वामित्व और अपनत्व की भावना विकसित होना आवश्यक है। डॉ घतानी ने किसानों से अपनी खाली भूमि पर प्रोटीनयुक्त चारा उगाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि यूनियन 15 प्रतिशत से अधिक प्रोटीन युक्त घास के पौधे उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। भविष्य में ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से घास एवं पराली उपलब्ध कराने की भी योजना है। उन्होंने दुग्ध की मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। गायों के संतुलित आहार, उचित मात्रा, गोठ प्रबंधन और पशुओं के साथ व्यवहार संबंधी तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई।
उन्होंने किसानों से गाई पालन को व्यावसायिक दृष्टिकोण से अपनाने पर बल दिया तथा स्थानीय घास की विभिन्न प्रजातियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों के स्तर की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही यूनियन द्वारा तैयार जैविक पशु आहार निर्देशिका के बारे में भी अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान लोअर कर्थोक की दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति की भूमि दाता बुद्ध रानी लेप्चा तथा लोअर थांगलिंग के प्रगतिशील दुग्ध उत्पादक सुक बहादुर सुब्बा को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा लोअर कर्थोक, लोअर टिम्बुरबुंग और कर्थोक दुग्ध उत्पादन सहकारी समितियों को गीजर प्रदान कर समिति अध्यक्षों को हस्तांतरित किया गया।जागरूकता कार्यक्रम का संचालन फील्ड इंचार्ज जेपी गुरुंग ने किया। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर दिनेश चंद्र दहाल, सहकारिता विभाग के निरीक्षक एसटी लेप्चा, पशुपालन विभाग की एडीओ अंबिका अधिकारी, सिस्को बैंक के प्रबंधक केंजोंग लेप्चा, अतिरिक्त महानिदेशक डॉ एनके प्रधान, पंचायत सभापति टीआर छेत्री तथा रूट इंचार्ज सागर सुब्बा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और दुग्ध उत्पादक उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न समितियों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
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