सिक्किम की नवाचारी ‘नेचर कैपिटल’ पहल को मिली वैश्विक पहचान

गंगटोक : एशियाई विकास बैंक (एडीबी) का प्रमुख द्विवार्षिक कार्यक्रम ‘एशिया एंड द पैसिफिक फूड सिस्टम्स फोरम 2026’ 16 से 19 मार्च  तक फिलीपींस के मनीला में आयोजित किया गया। ‘भविष्य को पोषण, पृथ्वी का संरक्षण’ थीम पर केंद्रित इस फोरम में कृषि-खाद्य प्रणालियों से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों-जैसे बढ़ते जलवायु जोखिम, जल संकट और जैव विविधता के नुकसान-पर चर्चा हुई।

इस कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री, एडीबी के अध्यक्ष मसातो कांडा सहित विभिन्न देशों के मंत्री, वैश्विक विशेषज्ञ और विकास साझेदार शामिल हुए। ‘नेचुरल कैपिटल डायलॉग्स’ सत्रों में नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर जैसे वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया। सिक्किम की नवाचारी प्राकृतिक पूंजी वित्तपोषण पहल-‘सिक्किम पेमेंट फॉर इकोसिस्टम सर्विसेज रूल्स’ और ‘मेरो रुख मेरो सन्तति’ कार्यक्रम के तहत ‘सिक्किम शिशु समृद्धि योजना’-ने वैश्विक स्तर पर खास ध्यान आकर्षित किया।

उल्लेखनीय है कि सिक्किम भारत का एकमात्र राज्य है, जहां निजी व्यक्तियों (अभिभावकों) द्वारा लगाए गए पौधों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग और वेरिफिकेशन (एमआरवी) की व्यवस्था है। इसके तहत अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए 10,800 रुपये का ब्याजयुक्त प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) ‘सिक्किम शिशु समृद्धि योजना’ के रूप में प्राप्त होता है।

साथ ही, सिक्किम भारत का एकमात्र राज्य है जहां ‘पेमेंट फॉर इकोसिस्टम सर्विसेज’ (पीईएस) का पूर्ण रूप से लागू ढांचा मौजूद है, जिसे एडीबी ने ‘सिक्किम मॉडल’ के रूप में व्यापक मान्यता दी है।

यह सिक्किम के लिए गर्व का क्षण था जब एडीबी अधिकारियों ने राज्य के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन अग्रणी नीतियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

#anugamini

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National News

Politics