गंगटोक : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए संविधान के मूल्यों-न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व-के प्रति निष्ठा दोहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक क्षण का स्मरण है जब भारत ने अपने संविधान को अपनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव रखी। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग को नमन करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सुरक्षा बलों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल Om Prakash Mathur ने कहा कि बीते वर्ष सिक्किम ने भारत में विलय की 50वीं वर्षगांठ मनाई, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही। उन्होंने बताया कि सिक्किम आज देश का पहला पूर्णतः जैविक राज्य बन चुका है, पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी पहचान बना चुका है और महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। गरीबी और बेरोजगारी में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जबकि मानव विकास संकेतकों में लगातार सुधार देखने को मिला है।
राज्यपाल माथुर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर सुपर-स्पेशियलिटी इलाज तक मजबूत बहु-स्तरीय नेटवर्क विकसित किया है। सोचेगांग स्थित सर थुतोब नामग्याल मेमोरियल अस्पताल को आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और कैंसर उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट और उन्नत जांच सुविधाओं से मरीजों को राज्य के भीतर ही बेहतर इलाज मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्यभर में डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया गया है और जिला अस्पतालों को भी उन्नत किया जा रहा है। नामची में 500 बिस्तरों वाले अस्पताल का उद्घाटन हो चुका है, जबकि सिंगताम, पाक्योंग और सोरेङ में नए जिला अस्पताल जल्द शुरू होंगे। इसके साथ ही, सोचेगांग में राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है, जिससे चिकित्सा शिक्षा को भी मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुविधा योजना और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने हजारों परिवारों को आर्थिक संकट से बचाते हुए गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद पहुंचाई है। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एचपीवी टीकाकरण और स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिससे सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम संभव होगी।
राज्यपाल माथुर ने कहा कि सिक्किम सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और कुल बजट का लगभग 15 प्रतिशत इस क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य ने सभी सरकारी विद्यालयों में किंडरगार्टन शुरू कर इतिहास रचा है। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि गणित और भाषा सीखने में सुधार के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सहयोग से शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम सुधार और मूल्यांकन पद्धतियों को बेहतर बनाया गया है। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देकर हजारों छात्रों को आईटी, पर्यटन और खाद्य उत्पादन जैसे क्षेत्रों में कौशल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री मेंटरशिप कार्यक्रम के चलते बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जबकि आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि सिक्किम 2026 तक पूर्ण साक्षर राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि सड़क संपर्क आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ है। राज्य में अब तक 5,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों और 200 से अधिक पुलों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है। सरकार का फोकस अब सड़कों की गुणवत्ता, सुरक्षा और दीर्घकालिक मजबूती पर है।
पर्यटन को सिक्किम की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए राज्यपाल माथुर ने कहा कि सरकार पारिस्थितिक, साहसिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। मेगा होमस्टे योजना के तहत 1,000 होमस्टे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे। भालेढुंगा रोपवे, स्काईवॉक और सिंगशोर ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं पर्यटन अनुभव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।
राज्यपाल माथुर ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। सिक्किम इंस्पायर्स कार्यक्रम के तहत पर्यटन, आईटी, हरित रोजगार, स्वास्थ्य और रचनात्मक उद्योगों जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से भी जोड़ा गया है, जिनमें जर्मनी में नियुक्त नर्सिंग स्नातक भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमशीलता विकास योजना के तहत युवाओं को 5 लाख तक की बीज पूंजी देकर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिला उद्यमियों, ग्रामीण युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्यपाल ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि ‘आमा सशक्तिकरण योजना’ के तहत माताओं को वार्षिक वित्तीय सहायता दी जा रही है, जबकि ‘आमा सहयोग योजना’ के माध्यम से बीपीएल परिवारों को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की भागीदारी मजबूत हुई है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए गुलाबी बसें शुरू की जा रही हैं, जिनमें किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन योजनाओं को भी मजबूत किया गया है। ‘श्रवण कुमार पुरस्कार’ के माध्यम से माता-पिता की सेवा करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि सिक्किम जैविक खेती और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री कृषि आत्मनिर्भर योजना के तहत पौधरोपण, नर्सरी विकास और संरक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले वर्ष 62 लाख से अधिक पौधे वितरित किए गए, जिससे हजारों किसानों को लाभ हुआ। बड़ी इलायची, डल्ले खुर्सानी और पुष्पकृषि जैसी फसलों के विस्तार से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि प्लास्टिक-मुक्त उद्यानिकी, कृषि ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से खेती को अधिक उत्पादक और जलवायु-लचीला बनाया जा रहा है। साथ ही, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और बाजार संपर्क मजबूत किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिमनदीय झीलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से जोखिम आकलन और दीर्घकालिक समाधान तैयार किए हैं। अक्टूबर 2023 की बाढ़ की त्रासदी से सीख लेते हुए राज्य ने आपदा प्रबंधन को और सुदृढ़ किया है।
राज्यपाल ने बताया कि सिक्किम को कैंसर रोकथाम और शीघ्र निदान में अग्रणी बनाने के लिए आईसीएमआर और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। स्तन, मुख और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की समय रहते पहचान और इलाज के लिए व्यापक पहल की जा रही है। अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ओ.पी. माथुर ने कहा कि सशक्त, कुशल और आत्मनिर्भर नागरिक ही समर्थ सिक्किम की असली नींव हैं। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों और सभी वर्गों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो आत्मविश्वासी हों, नवाचार करें और राज्य व देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।” राज्यपाल ने संविधान के आदर्शों पर चलने और एकजुट होकर शांत, समृद्ध और विकसित सिक्किम के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए अपना संदेश समाप्त किया।
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