गंगटोक : श्रम विभाग, सिक्किम की एक टीम ने सचिव भीम ठटाल (Bhim Thatal) के नेतृत्व में 27 एवं 28 फरवरी को नई दिल्ली स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) मुख्यालय, किदवई नगर में आयोजित पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लिया। यह सम्मेलन श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया था।
पहले दिन की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने की, जबकि दूसरे दिन की अध्यक्षता मंत्रालय की सचिव वंदना गुर्नानी ने की। सम्मेलन में हाल ही में लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियां संहिता पर विस्तार से चर्चा की गई। इन संहिताओं में पूर्व में लागू 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समाहित किया गया है। केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, नियमावली निर्माण, क्रियान्वयन की चुनौतियों तथा श्रमिकों और नियोक्ताओं के हितों के संतुलन पर विशेष विचार-विमर्श हुआ।
सचिव भीम ठटाल ने सम्मेलन में कहा कि सिक्किम को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371एफ के तहत विशेष संवैधानिक प्रावधान प्राप्त हैं। इसलिए राज्य सरकार चारों श्रम संहिताओं की लागू योग्यता और कार्यान्वयन की प्रक्रिया का गंभीरता से परीक्षण कर रही है। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 371एफ तथा सिक्किम के पूर्ववर्ती कानूनों के अनुरूप इन श्रम संहिताओं का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति कानूनी, प्रशासनिक और व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगी।
सचिव ठटाल ने सम्मेलन के दौरान कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के अंतर्गत प्रस्तावित 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। यह अस्पताल नामची जिले के मामरिंग क्षेत्र में प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि पहले ही चिन्हित कर निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के निर्माण में तेजी लाने से राज्य के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही सिक्किम में ईएसआईसी का उप-क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि लाभार्थियों को सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जा सकें। सम्मेलन के अतिरिक्त, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा सिक्किम प्रतिनिधिमंडल को श्रम शक्ति भवन में आमंत्रित किया गया, जहां अनुच्छेद 371एफ के आलोक में संभावित संशोधनों और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं पर केंद्रीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
इस बैठक में राज्य से संबंधित विशिष्ट मुद्दों, पुराने कानूनों की स्थिति और नई श्रम संहिताओं के समुचित समन्वय पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सिक्किम प्रतिनिधिमंडल में अतिरिक्त श्रम आयुक्त शिरोमणि नेउपाने, सहायक श्रम आयुक्त नवीन शर्मा, रजनी राई तथा केनवांग सी फालुंगथार्पा भी शामिल थे। सम्मेलन के समापन पर सिक्किम सरकार ने दोहराया कि राज्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए और अपने विशेष संवैधानिक प्रावधानों को सुरक्षित रखते हुए श्रम सुधारों के प्रभावी, संतुलित और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।
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