गंगटोक : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने बुधवार को राज्य के विकास, प्रगति और कल्याण के लिए अपना एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि सिक्किम ने मजबूत आर्थिक विकास देखा है और 2019 से अब तक इसकी जीडीपी में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्यपाल ने सदन से आज मुख्यमंत्री द्वारा पेश किये गये बजट का समर्थन करने का भी आग्रह किया और इसे विकास का रोडमैप बताया। उन्होंने कहा, यह बजट केवल एक वित्तीय विवरण नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के उत्थान की योजना है।
बजट सत्र 2025-26 को संबोधित करते हुए राज्यपाल माथुर ने राज्य में गरीबी में कमी आने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढक़र 7 लाख रुपये से अधिक हो गई है और अब केवल 2.15 प्रतिशत आबादी ही गरीबी रेखा से नीचे है। इससे सिक्किम गरीबी उन्मूलन में देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बन गया है। वहीं, अपने भाषण में सिक्किम के राज्य बनने की 50वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
समृद्ध और आत्मनिर्भर सिक्किम के लिए सरकार के दृष्टिकोण को भी रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसमें महत्वपूर्ण निवेश किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में किंडरगार्टन प्रणाली शुरू की गयी है और बुनियादी शिक्षा में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा का भी विस्तार हो रहा है और सोरेंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय विकसित किया जा रहा है।
राज्यपाल ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें प्रथम टेरटियरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना और कार्डियक तथा न्यूरोसर्जरी में प्रगति शामिल है। उन्होंने बताया कि नया 500 बिस्तरों वाला नामची जिला अस्पताल जल्द ही चालू हो जाएगा। साथ ही, डायलिसिस केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है और दूरदराज के क्षेत्रों तक मोबाइल ग्राम क्लीनिक पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा, पर्यटन विकास को लेकर राज्यपाल ने भालेढुंगा स्काईवॉक और नाथुला बॉर्डर पर्यटन विकास जैसी नई परियोजनाओं के साथ पर्यटन को राज्य का एक प्रमुख फोकस बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक पर्यटन स्थिरता विकास निधि शुरू की है और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम आगंतुकों के प्रबंधन में सुधार करेगा।
राज्यपाल माथुर ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में नई सड़कें, पुल एवं बिजली विकास शामिल हैं। सरकार सौर और जलविद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को मजबूत करने के लिए भी काम कर रही है। वहीं, संरक्षण में बड़े कदमों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि खाचोएडपलरी झील सिक्किम की पहली रामसर साइट बन गई है। उन्होंने बच्चों के जन्म पर पेड़ लगाने की सरकारी योजना “मेरो रुख मेरो संतति” पहल के बारे में कहा।
राज्यपाल ने आगे कहा कि ग्रामीण विकास राज्य की प्राथमिकता बनी हुई है जहां स्वच्छ पेयजल परियोजनाएं, आवास योजनाएं और बेहतर सड़कें गांवों की स्थिति में सुधार रही हैं। जल जीवन मिशन के तहत, अधिकांश ग्रामीण घरों में अब नल के पानी के कनेक्शन हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए आपराधिक कानूनों को सिक्किम में लागू किये जाने के बारे में बताते हुए कहा कि पुलिस और कानूनी अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए राज्य भारत में तीसरे स्थान पर है।
#anugamini #sikkim
No Comments: