गेजिंग : गेजिंग डीएसी के सभागार में आज एनसीओआरडी समिति एवं बच्चों में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डीसी सह जिला दंडाधिकारी तेनजिंग डी. डेन्जोंग्पा ने की।
बैठक में एएसपी सोनम डब्ल्यू भूटिया, गेजिंग के एसडीएम संदेश सुब्बा तथा एसडीएम (मुख्यालय) अग्नि प्रसाद छेत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिला स्तर पर मादक पदार्थ नियंत्रण, प्रवर्तन उपायों, अंतर-विभागीय समन्वय तथा बच्चों, किशोरों एवं संवेदनशील समूहों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर विस्तृत समीक्षा की गई।
एएसपी ने जानकारी दी कि दोषी नशा तस्करों के कठोर सजा एवं भारी जुर्माने का प्रावधान है, जिससे निवारक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि इस माह कोई जब्ती दर्ज नहीं हुई, जो जिले में नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों में कमी का संकेत है। उन्होंने कहा कि फिलहाल गांजा उन्मूलन अभियान नहीं चलाया गया है क्योंकि यह खेती का मौसम नहीं है, लेकिन उपयुक्त समय पर एसएसबी के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। साथ ही नदी तटीय एवं संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सघन जांच बढ़ाई जाएगी।
72वीं बटालियन, एसएसबी के द्वितीय कमांडेंट ने पर्यटकों को ढोने वाले वाहनों के माध्यम से छोटे स्तर पर नशीले पदार्थों की ढुलाई पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध ठहराव पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना साझा करने का आग्रह किया। 36वीं बटालियन, एसएसबी के द्वितीय कमांडेंट ने भी सामूहिक सतर्कता को आवश्यक बताते हुए समुदायों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल देने का आह्वान किया।
समाज कल्याण विभाग के कल्याण अधिकारी ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए किए गए स्थलीय निरीक्षणों तथा निष्क्रिय विद्यालयों की पहचान के बारे में भी बताया। डीसीपीओ ने ड्रॉपआउट छात्रों के लिए संवेदनशीलता एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। अध्यक्ष ने शिक्षा विभाग के समन्वय से शेष ड्रॉपआउट बच्चों का पता लगाकर पुनर्वास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गेजिंग के ब्लॉक विकास अधिकारी ने बताया कि विद्यालय परिसरों में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त चेतावनी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी के पालन एवं निरंतरता से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जागरूकता गतिविधियों के संचालन की बात कही। अध्यक्ष ने सभी विभागों को समन्वित, निवारक एवं प्रवर्तन-आधारित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने निगरानी तंत्र मजबूत करने, जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने तथा नशीले पदार्थों की प्रवृत्तियों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में शिक्षा विभाग, मोटर वाहन विभाग, कृषि/उद्यानिकी विभाग, वन विभाग सहित अन्य हितधारकों ने भी अपने-अपने प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता प्रयासों की जानकारी दी। बैठक का समापन गेजिंग जिले को नशा मुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
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