गंगटोक : सिक्किम हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा आज स्थानीय जीरो पॉइंट स्थित निदेशालय परिसर में राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत राज्य हथकरघा एक्सपो आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वाणिज्य व उद्योग तथा पर्यटन व नागरिक उड्डयन मंत्री छिरिंग थेंडुप भूटिया (Tshering Thendup Bhutia) ने इसका उद्घाटन किया। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा प्रायोजित यह प्रदर्शनी 6 अप्रैल तक चलेगी।
इस प्रदर्शनी में सिक्किम के साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, असम, नागालैंड, मणिपुर, लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न राज्यों के कुल 61 बुनकर, कारीगर, स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री ने स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रतिभागियों से बातचीत की और प्रदर्शित उत्पादों की विविधता और गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने पारंपरिक शिल्पों को संरक्षित करने में कारीगरों के समर्पण और कड़ी मेहनत को सराहा और प्रदर्शित उत्पादों की बारीक कारीगरी की प्रशंसा की। वहीं, उन्होंने हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी संतोष व्यक्त किया।
प्रदर्शनी में जम्मू व कश्मीर के बेहतरीन हथकरघा उत्पादों, खासकर कश्मीरी शॉल को देखकर मंत्री ने विशेष प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने कारीगरी के स्तर और उसमें लगे धैर्य को देखते हुए कारीगरों के असाधारण कौशल तथा अपने शिल्प के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। वहीं, एक्सपो में स्थानीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों का सीधा प्रदर्शन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा, जिसने कारीगरों के समृद्ध पारंपरिक कौशल और कारीगरी को प्रदर्शित किया।
उल्लेखनीय है कि ‘राज्य हथकरघा एक्सपो’ बुनकरों, कारीगरों, खरीदारों और विक्रेताओं को साथ आने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करने के साथ ही जागरुकता बढ़ाने और क्षेत्र को रोजगार तथा आय सृजन के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में प्रोत्साहित करता है। यह आयोजन सिक्किम हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम का एक वार्षिक कार्यक्रम है और यह कारीगरों को उनके उत्पादों की बड़े पैमाने पर बिक्री और व्यापक पहचान दिलाने में मदद करके उन्हें लगातार लाभ पहुंचा रहा है।
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