गंगटोक : गंगटोक जिले में नागरिक सुरक्षा तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर तुषार जी. निखारे (आईएएस) ने की। इसमें सशस्त्र बलों, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में कर्नल नितिन कुमार (उप कमांडर, 17 एमएबी), कर्नल प्लाबन मजूमदार (कमांडिंग ऑफिसर, 332 फील्ड रेजिमेंट), मेजर उमेश छेत्री (आईटीबीपी), मेजर कपिल (भारतीय सेना), त्रिवेदी आशीष (उप कमांडेंट, आईटीबीपी), मोरडेंट थापा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस), जिग्मी भूटिया (संयुक्त निदेशक, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण), सोनम वोंग्याल लेपचा (संयुक्त निदेशक, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण), केसांग नीमा भूटिया (उप निदेशक, एसएसडीएमए), विजयता खरेल (उप निदेशक, डीडीएमए) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में नागरिक सुरक्षा के इतिहास, उसके विकास तथा उससे संबंधित अधिनियम, नियम और विनियमों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व पर बल दिया गया और वास्तविक युद्ध या शत्रुतापूर्ण परिस्थितियों में इसकी अहम भूमिका रेखांकित की गई।
बैठक के एजेंडा के संदर्भ में नागरिक सुरक्षा योजना की गहन समीक्षा की गई। कमांड, नियंत्रण और समन्वय को स्पष्ट बनाने के लिए नागरिक सुरक्षा निदेशालय और नियंत्रक की भूमिकाओं व जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। चर्चा का एक प्रमुख भाग आपदा प्रबंधन और संकट प्रबंधन के बीच अंतर स्पष्ट करने पर केंद्रित रहा। इसमें बताया गया कि आपदा प्रबंधन कर्मी सामान्यतः प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के लिए प्रशिक्षित होते हैं, जबकि युद्ध जैसी परिस्थितियों के लिए अलग मानसिकता, विशेष प्रशिक्षण और विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है, जो पारंपरिक आपदा प्रबंधन ढांचे में पर्याप्त रूप से शामिल नहीं हैं।
बैठक में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और उम्मीदवारों की भर्ती, कर्मियों के प्रशिक्षण मॉड्यूल और क्षमता निर्माण, जिला नागरिक सुरक्षा नियंत्रण केंद्र की स्थापना, वर्तमान चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों को ध्यान में रखते हुए नागरिक सुरक्षा प्रणाली का आधुनिकीकरण, श्रेणी–2 ज़िले के अनुरूप आधारभूत संरचना और संचार नेटवर्क सहित गंगटोक ज़िले के लिए समग्र नागरिक सुरक्षा योजना तैयार करना जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक के अंत में इस बात पर सहमति बनी कि गंगटोक ज़िले में संकट और आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुव्यवस्थित योजना, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और आधुनिक प्रणालियों के माध्यम से नागरिक सुरक्षा तैयारी को तत्काल मजबूत किया जाना आवश्यक है।
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