आईटीएस ने समन्वय बैठक का किया आयोजन

नामची : सिक्किम के विकास यात्रा को आकार देने हेतु मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग द्वारा स्थापित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग सिक्किम (आईटीएस) द्वारा आज स्थानीय टाउन हॉल में उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष शर्मा ने एकजुट जिले के रूप में टीम वर्क के लिए नामची जिला प्रशासनिक केंद्र का आभार व्यक्त करते हुए दोहराया कि आईटीएस सरकार के लिए एक नीतिगत ढांचे और रोडमैप के रूप में कार्य करता है, जिसका उद्देश्य सिक्किम को “सुनहरा समृद्ध और समर्थ” बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से कार्य संस्कृति का सम्मान करने, जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेने और शासन को मजबूत करने के लिए सामूहिक उपाय अपनाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने खाली पड़ी सरकारी संपत्तियों, अनुचित संरचनात्मक प्रबंधन और पर्यटन राजस्व के एक प्रमुख स्रोत के रूप में बढ़ावा देने के अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने सरकारी संपत्तियों के अनुचित खरीद-बिक्री, सरकार द्वारा आवंटित होमस्टे के दुरुपयोग और बंजर कृषि भूमि जैसी समस्याओं की शीघ्र पहचान और समाधान की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक में एक खुला सत्र भी आयोजित किया गया। जिसमें आईटीएस सदस्य नम्रता थापा ने नामची जिला कलेक्टर और नीति आयोग की पूरी टीम को आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में से एक के रूप में उभरने और ‘प्रयास’ के शुभारंभ की सफलता के लिए बधाई दी।

थापा ने जिले की सफलता पर बात करते हुए नामची में बनने वाले 500 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने राज्य में आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जतायी और प्रभावी व निवारक जागरूकता उपायों का सुझाव दिया।

वहीं, आईटीएस सदस्य भरत चंद्र वशिष्ठ ने पर्यावरण के प्रति जागरूक और टिकाऊ योजना के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हर सरकारी परियोजना को पारिस्थितिक क्षति को कम करना चाहिए और जल जीवन मिशन को भविष्य के विकास के लिए एक बुनियादी मॉडल बताया। साथ ही, उन्होंने कृषि उपज को संरक्षित करने और जिले के किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए बफर कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की स्थापना का प्रस्ताव रखा।

उनके अलावा, आईटीएस सदस्य गंगा देवी प्रधान ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) सूचकांक और संकेतकों का अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आईटीएस सिक्किम के “विकसित सिक्किम से विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को बदलने के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर, जिलाध्यक्ष नामची अंजीता राजलिम ने जंगली जानवरों द्वारा खेती की गई फसलों को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित किए बिना इस समस्या के समाधान के लिए नवीन उपायों की आवश्यकता पर बल दिया।

इससे पहले, योजना एवं विकास विभाग के संयुक्त निदेशक पाल्देन पाजो ने आईटीएस के उद्देश्यों का परिचय देते हुए एक प्रस्तुति पेश की। इसके बाद, जिला कलेक्टर अनूपा टामलिंग ने अपनी एक प्रस्तुति में स्वास्थ्य, शिक्षा, सडक़ और पुल, कृषि, श्रम और पर्यटन को शामिल करते हुए क्षेत्रवार प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। उन्होंने प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए और अधिक फेयर वेदर रोड्स की तत्काल आवश्यकता, ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता केंद्रों के नवीनीकरण और बेहतर पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस के लिए अधिक डिजिटलीकरण पर ज़ोर दिया। उन्होंने पर्यटन के संबंध में विशेष रूप से अप्रयुक्त या कम उपयोग किए गए सरकारी बुनियादी ढांचे, जैसे कि नामची-रॉकगार्डन-समद्रुप्से रोपवे परियोजना, की समीक्षा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

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