प्रभावकारी ग्रामीण आपदा प्रबंधन योजना तैयार करना जरूरी : जिलाधिकारी

सोरेंग : ग्रामीण स्तर पर आपदा तैयारी और सामुदायिक जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारण द्वारा आज स्थानीय रुर्बन कॉम्प्लेक्स में विलेज डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

इस अवसर पर डीडीएमए चेयरपर्सन सह डीसी धीरज सुबेदी ने बॉटम-अप अप्रोच के साथ प्रभावकारी ग्रामीण आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए ढांचागत प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आपदा तैयारी पर सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा प्रशिक्षण आपदा प्रबंधन सुपरवाइजरों एवं सहायकों की क्षमता बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है।

उन्होंने आगे, प्रभावी आपदा प्रबंधन हेतु डीएमएस और डीएमए की चार बड़ी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर एक मजबूत आपदा प्रबंधन योजना बनाने की अहमियत बताते हुए इसके लिए खतरों की मैपिंग, संवेदनशीलता मूल्यांकन और स्थानीय चुनौतियों को समझने के लिए रिसोर्स और रिस्क मैपिंग के साथ एक सही डेटाबेस बनाने को आवश्यक बतया। ऐसे में, सुबेदी ने क्षमता निर्माण के तहत, सभी स्तरों पर आपदा सुरक्षा तैयारी को बढ़ावा देने हेतु एसएचजी, एनजीओ, स्कूलों और जीपीयू के समन्वय में मॉक ड्रिल, प्रदर्शन और जागरुकता कार्यक्रम करके अधिकारियों और समुदाय को मजबूत करने पर ज़ोर दिया।

इसके अलावा, डीसी ने सभी प्रतिभागियों से सक्रियता के साथ सत्र को उत्पादक बनाने की अपील की। इससे पहले, सोरेंग बीडीओ पारू हांग सुब्बा ने भूकंप के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी को मजबूत करने में ऐसे प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जीपीयू में तैनात जिला आपदा प्रबंधन कर्मचारियों की समय पर और असरदार तालमेल, सही जानकारी की पहुंच और तुरंत रिपोर्टिंग पक्का करने में अहम भूमिका के बारे में बात की । उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान देरी और असमंजस से बचने के लिए सही जांच और संपर्क जरूरी है।

वहीं, संसाधन व्यक्ति सह डीडीएमए डीपीओ रजनी पेगा ने ग्रामीण आपदा प्रबंधन योजना पर अपने एक विस्तृत सत्र में एक बेसिक इमरजेंसी सेफ्टी किट बनाए रखने को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने प्रतिभागियों को अलग-अलग तरह की आपदाओं, उनके असर और कम्युनिटी की तैयारी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने जापान के आपदा प्रबंधन के तरीकों का ज़िक्र करते हुए दुनिया की सबसे अच्छी प्रैक्टिस से सीखने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में एक छोटा तकनीकी सत्र भी हुआ, जिसमें सचेत मोबाइल एप्लिकेशन पर डिटेल्ड फॉलो-अप शामिल था। इसमें ऐप इंस्टॉल करने के फायदों जैसे आपदाओं पर रियल-टाइम अलर्ट और शुरुआती चेतावनी मिलना, मौसमी अपडेट और अधिकारियों द्वारा जारी ज़रूरी सुरक्षा नोटिफिकेशन पर जोर दिया गया।

इसके अलावा, डीडीएमए संयोजक किशोर प्रधान और मार छिरिंग लेप्चा ने भूकंप तैयारी पर एक प्रदर्शन सह जागरूकता सत्र किया।

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