गंगटोक : पर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था वाला सिक्किम राज्य इस व्यस्त समय में घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी का सामना कर रहा है। इससे आम जनता के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी भारी परेशानी हो रही है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर लोगों को कथित तौर पर सुबह 3 बजे से ही लंबी कतारों में खड़ा देखा जा रहा है। उसके बावजूद, कईयों को बिना सिलेंडर लिए ही घर लौटना पड़ रहा है।
कहना न होगा कि रसोई गैस की यह कमी खासकर अप्रैल के व्यस्त पर्यटन मौसम में होटलों और रेस्तरां के लिए, एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। गंगटोक के एक होटल मालिक राजेश गुप्ता ने बताया कि उनके होटल को आम तौर पर हर दिन दो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होती है, जो एक हफ्ते में लगभग 14 सिलेंडर बैठते हैं। लेकिन, इस समय उन्हें हर हफ्ते सिर्फ एक कमर्शियल सिलेंडर ही मिल रहा है।
गुप्ता के अनुसार, इस गंभीर कमी के चलते उनके होटल को खाना बनाने का काम कम करना पड़ा है और हो सकता है कि वे ग्राहकों को सिर्फ सूखा या सीमित खाना ही दे पाएं। उन्होंने यह भी दावा किया कि गंगटोक के कई रेस्तरां एलपीजी संकट की वजह से पहले ही बंद हो चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एलपीजी की यह कमी न सिर्फ स्थानीय निवासियों और कारोबारियों पर असर डाल रही है, बल्कि राज्य घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर रही है। अप्रैल का महीना, सिक्किम में पर्यटकों के आगमन के लिहाज से सबसे व्यस्त महीनों में से एक होता है। ऐसे में, एलपीजी की कमी के कारण कई होटल और रेस्तरां कथित तौर पर आने वाले लोगों को ठीक से खाने-पीने की सुविधाए नहीं दे पा रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, एलपीजी संकट का असर सिर्फ गंगटोक पर ही नहीं, बल्कि सिक्किम के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ रहा है, जहां घरेलू और कामर्शियल, दोनों तरह के उपभोक्ताओं को आपूर्ति से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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