डॉ. अनिल यादव को लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स में मिली जगह

गंगटोक : शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल करते हुए डॉ. अनिल कुमार यादव ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उन्हें भारत की प्रतिष्ठित रिकॉर्ड संस्था लिम्‍का बुक आफ रिकार्ड्स में ‘भारत में सर्वाधिक विश्वविद्यालयों से स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त करने’ के लिए विश्व रिकॉर्ड श्रेणी में स्थान दिया गया है।

डॉ. यादव का नाम वर्ष 2016, 2020–22, 2023, 2024, 2025 और 2026 के विभिन्न संस्करणों में दर्ज किया जा चुका है। फरवरी 2026 तक उन्होंने कुल 239 शैक्षणिक योग्यताएं प्राप्त की हैं। इनमें 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 28 विश्वविद्यालयों से 60 विश्वविद्यालयीय डिग्रियां, 67 बैंकिंग योग्यताएं (इंडियन इंस्‍टीट्यूट आफ बैंकिंग एंड फिनांस से), 13 यूजीसी-नेट प्रमाणपत्र, 65 कोर्सेरा प्रमाणपत्र तथा 34 अन्य विविध प्रमाणन शामिल हैं।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के 2026 संस्करण में उनकी उपलब्धि को ‘विश्व रिकॉर्ड’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। ‘डब्ल्यूआर’ श्रेणी का अर्थ है कि यह उपलब्धि लिम्का के आधिकारिक ढांचे में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, जो इसे राष्ट्रीय या क्षेत्रीय रिकॉर्ड से अलग पहचान देती है।

डॉ. यादव की उपलब्धियों को इंडिया बुक आफ रिकार्ड्स, एसिया बुक आफ रिकार्ड्स और गोल्‍डेन बुक आफ रिकार्ड्स जैसी संस्थाओं ने भी विभिन्न शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मान्यता दी है।

गौरतलब है कि गिनजी वर्ल्‍ड रिकार्ड वर्तमान में डिग्रियों या शैक्षणिक योग्यताओं की संख्या जैसे रिकॉर्ड स्वीकार या प्रमाणित नहीं करता। इसलिए गिनीज सूची में इस प्रकार की उपलब्धियों का उल्लेख न होना उसकी नीतिगत सीमाओं के कारण है, न कि उपलब्धि की कमी के कारण।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स देश की सबसे प्रतिष्ठित और व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त रिकॉर्ड पुस्तक मानी जाती है, जिसे शैक्षणिक संस्थान, सरकारी निकाय और मीडिया संगठन स्वीकार करते हैं। ऐसे में विश्व रिकॉर्ड श्रेणी में डॉ. अनिल कुमार यादव की उपलब्धि शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक मिसाल मानी जा रही है।

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