बर्ड फ्लू को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

नामची : एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के किसी भी संभावित प्रकोप से निपटने हेतु जिले की तैयारी की समीक्षा के लिए आज डीसी अनूपा तामलिंग की अध्यक्षता में बैठक संपन्‍न हुई।

बैठक के दौरान, डीसी ने सभी संबंधित कमेटियों और विभागों से पूरी तरह तैयार रहने और बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने को कहा। उन्होंने किसी भी संदिग्ध मामले की रिपोर्ट करने और बिना देर किए जांच किए जाने पर जोर दिया। वहीं, उन्होंने रोकथाम कार्यों में तेज समन्वय सुनिश्चित करने हेतु पशुपालन विभाग को एक रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने और ब्लॉक तथा जिला स्तर पर समर्पित कमेटियां गठित करने को भी कहा।

इसके साथ ही, पशुपालन विभाग को आगे बीडीओ और ग्राम पंचायतों के साथ भी समन्वय करके ब्लॉक स्तर पर जागरूकता बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया। जिला कलेक्टर ने पक्षियों या स्तनपायी प्राणियों की किसी भी असामान्य मौत की सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को देने को कहा ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके। लोगों में जागरूकता पर जोर देते हुए, उन्होंने विभाग को एवियन इन्फ्लूएंजा पर जागरूकता प्रोग्राम चलाने और संक्रमित क्षेत्र का पता चलने पर सही डिसइंफेक्शन उपाय करने का निर्देश दिया।

बैठक में अधिकारियों को पक्षियों को दाना खिलाने की गतिविधि पर सख्ती से नजर रखने और यह पक्का करने का निर्देश दिया गया कि दाना सिर्फ पहचाने गए क्षेत्र में ही दिया जाए। डीसी ने बताया कि इसका उल्लंघन करने पर तय नियमों के मुताबिक पेनल्टी और उचित कार्रवाई होगी। वहीं, सभी संबंधित विभागों को एक हफ्ते के अंदर एवियन इन्फ्लूएंजा की तैयारियों पर एक स्टेटस रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया।

इसके अलावा, डीसी ने जिले में अब तक कोई मामला सामने नहीं आने की जानकारी भी दी। फिर भी उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी संभावित संक्रमण रोकने के लिए लगातार सतर्कता और प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिया गया कि जरूरत पड़ने पर इन्फ्लूएंजा से जुड़े संदिग्ध या कन्फर्म मामलों को प्रबंधित करने के लिए एक अलग आइसोलेशन रूम बनाया जाए।

बैठक में, पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने एवियन इन्फ्लूएंजा पर एक विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बीमारी की खास बातें बताईं।

उन्होंने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा एक बहुत ज्यादा फैलने वाला वायरल इंफेक्शन है जो पालतू और जंगली दोनों तरह के पक्षियों को प्रभावित करता है, इसके कुछ स्ट्रेन जूनोटिक होते हैं और इंसानों को भी इंफेक्ट कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके दो मुख्य प्रकार हैं-लो पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लूएंजा, जिससे सांस लेने में हल्के लक्षण होते हैं और अंडे कम बनते हैं, और हाईली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लूएंजा, जिससे गंभीर बीमारी होती है और मौत का खतरा ज्यादा होता है।

उन्होंने बताया कि इंसानों में एवियन इन्फ्लूएंजा के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, खांसी और गले में खराश, आंखों में इन्फेक्शन, निमोनिया और सांस लेने में तेज दिक्कत शामिल हैं।

बैठक में एडीसी (मुख्यालय), मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस ऑफिसर, संयुक्त पशुपालन निदेशक, नगर परिषद सदस्य, डीडीएमए अधिकारी एवं अन्य भी शामिल हुए।

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