वीबी-जी राम जी व नशा मुक्त भारत अभियान पर संवाद सत्र आयोजित

गंगटोक : विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) और नशा मुक्त भारत अभियान पर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB), गंगटोक द्वारा आज नामची में एक मीडिया संवाद सत्र “वार्ता” आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में नामची की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनम डोमा भूटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। साथ ही, इसमें आईपीआर अधिकारी, क्षेत्रीय पत्रकार और इलेक्ट्रॉनिक तथा डिजिटल मंचों से जुड़े मीडिया कर्मी शामिल हुए।

इस अवसर पर एसएसपी भूटिया ने नशा मुक्त अभियान को सफलतापूर्वक लागू करने और समाज को नशे के खतरे से मुक्त बनाने की दिशा में मुख्य रूप से तीन पहलू बताये, जिनमें रोकथाम, प्रवर्तन और उपचार एवं पुनर्वास कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि रोकथाम में विभिन्न जन-जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को इस बुराई के खतरों के प्रति सचेत करने और नशे की मांग को कम करने पर केंद्रित एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाया जाता है।

वहीं, प्रवर्तन में पुलिस प्रशासन नशीले पदार्थों के तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, उपचार एवं पुनर्वास के चरण में नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों की पहचान, परामर्श, उपचार और पुनर्वास का कार्य किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि नामची जिला प्रशासन की एक पहल के तहत जिले में आयोजित होने वाले किसी भी कार्यक्रम में “नशा मुक्त” संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए एक विशेष सत्र रखना अनिवार्य है।

वहीं, वीबी-जी राम जी पर आयोजित सत्र का संचालन करते हुए राज्य ग्रामीण विकास विभाग में मनरेगा प्रकोष्ठ के एपीओ साइलस राई ने मनरेगा की तुलना में इस नए विधेयक में किए गए क्रांतिकारी बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मिशन अब केवल अल्पकालिक मजदूरी सहायता प्रदान करने के बजाय, स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने इस नए अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं का भी उल्लेख किया, जिसमें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले गारंटीशुदा मजदूरी रोजगार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया जाना शामिल है।

राई ने यह भी बताया कि वीबी-जी राम जी पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रोजेक्ट की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए डिजिटल साधनों का उपयोग करता है। उन्होंने इस अवसर पर मौजूद मीडिया कर्मियों से यह भी अनुरोध किया कि वे सरकार की इस नई पहल के लाभों को फैलाने और विभिन्न झूठे नैरेटिव का मुकाबला करने में एक प्रभाव बढ़ाने वाले माध्यम के रूप में कार्य करें।

इससे पहले, कार्यक्रम की शुरुआत में पीआईबी और आकाशवाणी न्यूज गंगटोक के सहायक निदेशक मानस प्रतीम शर्मा ने कार्यक्रम के एजेंडा का संक्षिप्त विवरण देते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री के साथ हाल ही में हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उसमें मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने इस बात पर जोर दिया था कि राज्य नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’  नीति का पालन करता है और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से निपटने के लिए कड़े और समन्वित उपाय कर रहा है। कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी शामिल था, जिसने मीडिया कर्मियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

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