मंगन : सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने उत्तर सिक्किम के अपने दूसरे दिन के दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान राज्यपाल ने सर्वप्रथम ज़ेमा-2 पुल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने 360 फीट लंबे बैली सस्पेंशन ब्रिज का भी अवलोकन किया, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र ही पूर्ण होने की संभावना है।
इस दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल हेमंत कुमार ने राज्यपाल को परियोजना की प्रगति, तकनीकी विवरण तथा निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने निर्माण कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इन पुलों के पूर्ण होने से उत्तर सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय जनता को भी लाभ प्राप्त होगा।
इसके पश्चात् राज्यपाल ने गुरुदोंगमार झील (17,000 फीट) का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। वहां उन्होंने भारतीय सेना के मिशन ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का अवलोकन किया, जिनमें कम्युनिटी हॉल, टूरिस्ट व्यू पॉइंट और यूटिलिटी सुविधाएं प्रमुख हैं। इस दौरान कुछ अतिरिक्त परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया, जिनमें मुख्य रूप से प्रेयर व्हील्स तथा सैनिकों की प्रतिमा शामिल हैं। राज्यपाल ने इन प्रस्तावित परियोजनाओं का पूर्ण समर्थन करते हुए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इसके बाद राज्यपाल आईटीबीपी केरांग पोस्ट (11 बटालियन) पहुंचे, जो 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अतिरिक्त राज्यपाल महोदय ने आज डोंक्याला पास (18,400 फीट) का भ्रमण किया, जो मोटरेबल सबसे ऊंची पोस्ट है। यहां उन्हें यह जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष तक यह सड़क ब्लैक टॉप नहीं थी, लेकिन इस वर्ष इसे पूरी तरह ब्लैक टॉप कर दिया गया है। दौरे का समापन युमथांग घाटी के भ्रमण से हुआ।
#anugamini
No Comments: