ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए बेहतर प्रचार जरूरी : आदित्य गोले

सोरेंग : आगामी सिक्किम ग्रामीण पर्यटन मीट की तैयारियों को लेकर पहली बैठक आज स्थानीय जिला पर्यटन कार्यालय में आयोजित की गई। इसमें सोरेंग-च्‍याखुंग के विधायक आदित्य गोले मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ रिनचेनपोंग विधायक एरुंग तेनजिंग लेप्चा, मुख्यमंत्री के एपीएस एरास्टस लक्‍सम, ओएसडी, पर्यटन व नागरिक उड्डयन सचिव होंडाला ग्याल्‍छेन, विशेष सचिव डॉ प्रेरणा चामलिंग, सोरेंग डीसी धीरज सुबेदी, अतिरिक्त निदेशक तेनजिंग गोले, एडीसी डीआर बिष्ट, एडीसी (विकास) गयास पेगा और एसडीएम (मुख्यालय) प्रेम सुब्बा भी मौजूद थे।

इस अवसर पर विधायक Aditya Golay ने पर्यटन क्षेत्र के विकास को सिक्किम रूरल टूरिज्म मार्ट का मुख्य मिशन बताते हुए बेहतर नतीजों के लिए इसके बड़े पैमाने पर पहुंच और असरदार प्रचार के महत्व पर जोर दिया। ऐसे में, उन्होंने प्रतिभागियों के रचनात्मक विचार और सुझावों की तारीफ करते हुए इवेंट को सफल बनाने हेतु सभी हितधारकों से लगातार मिलकर कोशिश करने और नए इनपुट देने को कहा। साथ ही, उन्होंने सामुदायिक भागीदारी और सस्टेनेबिलिटी के महत्व पर जोर देते हुए जिले में पर्यटन विकास के लिए अपने लगातार समर्थन की पुष्टि की।

उनके साथ, विधायक एरुंग तेनजिंग लेप्चा ने भी सदस्यों के बीच करीबी तालमेल के महत्व और ग्रामीण आबादी को ऐसे प्रोग्राम से कैसे फायदा मिलना चाहिए, इस पर रोशनी डाली। उन्होंने जिले के पर्यटन क्षेत्र के विकास में गति देने हेतु हितधारकों से पूरे दिल से इसमें हिस्सा लेने की भी अपील की। उन्होंने विभाग से भी अपील की कि वह हितधारकों के लिए जिले की अनछुए पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने का रास्ता बनाने के लिए एक चैनल के तौर पर काम करे।

बैठक में पर्यटन सचिव होंडाला ग्याल्‍छेन ने विभाग के एक फैसिलिटेटर के तौर पर काम करने की जानकारी देते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस पहल की सफलता स्थानीय समुदायों और हितधारकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। साथ ही, उन्होंने उन्हें क्षेत्रीय आकर्षणों, संस्कृति और परंपराओं की अपनी जानकारी के आधार पर लोकल आइटिनरेरी प्लान पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इससे पहले, डीसी धीरज सुबेदी ने अपने स्वागत भाषण में एसआरटीएम के बारे में जानकारी देते हुए इसके मुख्य मकसद और विजन के बारे में बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआरटीएम को एक बार के इवेंट के बजाय एक लंबे समय के विकास के लक्ष्य के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल इलाके की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय कला और शिल्प को दिखाते हुए टूरिज्म के अलग-अलग रूपों को बढ़ावा देगी। ऐसे में, उन्होंने सभी हितधारकों से इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए एक प्रैक्टिकल रोडमैप, फ्रेमवर्क और एक्शन प्लान बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में एडीसी डीआर बिष्ट द्वारा संचालित एक खुली चर्चा भी हुई, जिसमें उन्होंने सोरेंग को सिक्किम के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के विजन से जुड़ी बातें साझा कीं। इसमें हितधारकों ने सक्रियता से भाग लिया। बैठक में पर्यटन उप-निदेशक यामिनी प्रधान, सहायक निदेशक विजेता छेत्री, जिला सूचना अधिकारी डॉ आरोन ई लेप्चा, सोरेंग बीडीओ पारू हांग सुब्बा, सहायक पर्यटन निदेशक सुभाष चंद्र राई, डीआईसी इंस्पेक्टर, विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं अन्य भी मौजूद थे।

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