नामची : नामची जिला पुलिस ने आज नामची जिले के तेंदोंग हिल में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत एक जागरुकता अभियान आयोजित किया। यह अभियान जिला प्रशासनिक केंद्र (डीएसी) और अल्केम लेबोरेटरीज लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य शराब और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के प्रति जागरुकता फैलाना तथा आम लोगों के बीच स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
इस पहल के माध्यम से लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत के प्रति सराहना विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को उजागर कर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया गया। अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य तेंदोंग हिल तक ट्रेकिंग की पारंपरिक परंपरा को पुनर्जीवित करना था, विशेष रूप से राम नवमी के अवसर पर, जब पहले नामची और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस ट्रेक में भाग लेते थे। अभियान का शुभारंभ दामथांग बाजार से नामची की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री सोनम डी भूटिया ने सहायक पुलिस अधीक्षक विकास तिवारी की उपस्थिति में किया।
ट्रेकिंग गतिविधि का संचालन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री सोनम डी भूटिया के मार्गदर्शन और निगरानी में किया गया। कार्यक्रम के पहले चरण में प्रतिभागियों ने दामथांग बाजार से तेंदोंग हिल तक ट्रेक किया और ‘नशे को ना कहें, स्वस्थ जीवन जिएं’ का संदेश प्रसारित करते हुए नशामुक्त समाज के महत्व को रेखांकित किया। मार्ग के दौरान स्वच्छता अभियान भी चलाया गया तथा आगंतुकों की सुविधा के लिए नामची जिला पुलिस द्वारा दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए।
अपने संबोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रतिभागियों की सामुदायिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सुरक्षित ट्रेकिंग और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ ट्रेकिंग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास मानसिक दृढ़ता और संकल्प को मजबूत करते हैं। उन्होंने किसी भी असुविधा की स्थिति में तुरंत सूचित करने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध है। टीमवर्क पर बल देते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को सकारात्मक बने रहने, एक-दूसरे का सहयोग करने तथा अनुशासन और धैर्य बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ एक राष्ट्रीय पहल है और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ भी ली।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में नामची जिले के चामचे स्थित इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड ईको-टूरिज्म (आईएचसीएई) परिसर में साइबर अपराध पर केंद्रित एक जागरूकता कार्यक्रम तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन में वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध के खतरे पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ साइबर अपराधी व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारी संस्थानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सतर्कता और जागरुकता की आवश्यकता पर बल देते हुए लोगों से मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय अपनाने का आग्रह किया, ताकि धोखाधड़ी, हैकिंग, पहचान की चोरी और ऑनलाइन ठगी से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने साइबर अपराध से निपटने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की।
इस सत्र में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति और नशा मुक्त भारत अभियान के प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन नामची जिला पुलिस कर्मियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में लगभग 100 लोगों ने भाग लिया, जिनमें पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नामची तथा पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राएं, विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनसीओआरडी से जुड़े प्रतिनिधि, पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) यांगांग के प्राचार्य एवं कर्मचारी, एएसपी एसबी नामची, क्षेत्रीय प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधि, मेली और जोरथांग के एंटी-ड्रग्स स्काउट इकाइयों के सदस्य, स्थानीय गैर-सरकारी संगठन तथा नामची जिले के सभी छह थानों के एसडीपीओ और एसएचओ सहित पुलिस कर्मी शामिल थे।
यह पहल जागरुकता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सांस्कृतिक पुनर्जीवन का सफल समन्वय रही, जिसने स्वास्थ्य, विरासत और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का सशक्त संदेश दिया।
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