सिक्किम के एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप को जर्मनी से मिला 40 करोड़ का निवेश

गंगटोक : सिक्किम के एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप को जर्मनी से लगभग 4.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) का सीधा विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। यह राज्य में टेक्नोलॉजी सेक्टर में विदेशी फंडिंग का पहला मामला है।

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, दिवाश कपिल छेत्री और सुलभ राज गुरुंग द्वारा स्थापित अपुफी नामक इस स्टार्टअप को यह निवेश सीरीज 1 कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयरों के जरिए मिला है, जिसे भारतीय नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। इस फंडिंग से सिक्किम को भारत के एआई स्टार्टअप स्पेस में एक खास जगह मिली है, जिस पर अब तक बड़े शहरों का दबदबा रहा है।

गौरतलब है कि यह निवेश ऐसे समय में आया है जब राज्य तकनीक के नेतृत्व वाली विकास पर अपना ध्यान बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हाल ही में राज्य-स्तरीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी की योजनाओं की घोषणा की, जो जानकारी-आधारित उद्योग की ओर बदलाव का संकेत है।

अपुफी एक एआई-पावर्ड करियर प्लेटफॉर्म बना रहा है जिसका लक्ष्य वर्कफोर्स के कई सेगमेंट हैं, जिसमें नए ग्रेजुएट, मिड-करियर प्रोफेशनल, नौकरी से निकाले गए कर्मचारी और गिग-बेस्ड काम ढूंढ रहे ब्लू-कॉलर वर्कर शामिल हैं। इसके टूल्स एक ही टेक्नोलॉजी-ड्रिवन प्लेटफॉर्म पर जॉब मैचिंग, अपस्किलिंग, इंटरव्यू की तैयारी, मेंटरशिप और फ्लेक्सिबल काम के ऑप्शन को जोड़ते हैं।

संस्थापकों के अनुसार, जर्मन निवेश का इस्तेमाल एआई ढांचा मजबूत करने, उत्पाद खूबियों का विस्तार करने और हायरिंग बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जिसमें सिक्किम और पूरे पूर्वोत्तर से प्रतिभाओं को काम पर लेने पर जोर दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि यह विकास सिक्किम की आर्थिक प्रोफाइल में एक बड़े बदलाव की ओर भी इशारा करता है। लंबे समय से खेती, पर्यटन और हैंडीक्राफ्ट पर निर्भर रहने वाला यह राज्य अब टेक्नोलॉजी वेंचर देख रहा है जो स्थानीय युवाओं के लिए ज़्यादा वैल्यू वाली रोजगार का वादा करते हैं। अपुफी 2026 की पहली तिमाही में अपना प्लेटफॉर्म लॉन्च करने और पूरे भारत और विदेशों में विस्तार करने की योजना बना रहा है, जबकि इसका परिचालन सिक्किम से ही होगा।

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