मंगन : मसाला बोर्ड (केवीके और कृषि एवं बागवानी विभाग) द्वारा एग्जिम बैंक के ग्रीड कार्यक्रम के तहत आज जिले में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें मंगन के ऑर्गेनिक वैली एफपीओ कोऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़े 150 से ज़्यादा किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के पहले दिन गोर कम्युनिटी हॉल में लुम गोर सांगटोक जीपीयू, जंगू के लिए और दूसरे दिन ही-ग्याथांग के नॉलेज शेयरिंग सेंटर में कार्यक्रम हुए।
सत्रों की शुरुआत जिला मसाल बोर्ड के सहायक निदेशक डॉ पुविचोनु रुत्सो द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य पर वक्तव्य के साथ हुई, जिसके बाद लुम-गोर-सांगटोक जीपीयू पंचायत अध्यक्ष ने विशेष संबोधन दिया। कार्यक्रम में पंचायत सदस्यों और अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया। इसमें मंगन केवीके के प्रमुख वैज्ञानिक गणेश बसनेत भी शामिल थे, जिन्होंने बड़ी इलायची किसानों के लिए मजबूत सामुदायिक और संस्थागत समर्थन पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों में भारतीय इलायची अनुसंधान संस्थान के तादोंग क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ एसएस बोरा, जिला कृषि विकास अधिकारी आदर्श राई, कृषि विज्ञान केंद्र की कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती मीना प्रधान शामिल थे। इन्होंने किसानों को उत्पादन तकनीक, मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, वर्मीकम्पोस्टिंग और फसल कटाई के बाद मूल्य संवर्धन पर प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम में किसानों के साथ एक बातचीत और फीडबैक सत्र भी हुआ, जिसके बाद ऑर्गेनिक वैली एफपीओ के शेयरधारकों को बड़ी इलायची के पौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन ऑर्गेनिक वैली एफपीओ के अध्यक्ष समरू उगेन पाल्ज़ोर लेप्चा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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