गंगटोक : राजधानी नई दिल्ली में आज सांसद एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की एक समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में, समिति ने कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें महाराष्ट्र के बंजारा समुदाय की अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल किए जाने की लंबे समय से लंबित मांग भी शामिल थी। बैठक में मणिपुर राज्य में कुकी और नागा जनजातियों से जुड़े कथित अत्याचारों को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर भी चर्चा हुई।
सिक्किम के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव के कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के वर्ष 2017 से राष्ट्रीय संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत छिरिंग वांगचुक लेप्चा ने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में चलाई जा रही सुशासन की सकारात्मक पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘मेरो रुख मेरो संतति’, ‘मेरो बाटो मेरो बोट’ और ‘वात्सल्य योजना’ जैसी प्रकृति-अनुकूल योजनाओं पर विशेष जोर दिया, जिनका उद्देश्य पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना और राज्य के मूलनिवासी समुदायों के बीच जन्म दर वृद्धि को प्रोत्साहित करना है।
बैठक के दौरान लेप्चा ने यह भी जानकारी दी कि सिक्किम सरकार ने भूटिया, लेप्चा और लिंबू भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने संबंधी एक कैबिनेट प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते को लेप्चा भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने से संबंधित सिक्किम लेप्चा युवा संघ की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा।
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