अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किसानों के हितों की रक्षा करता है : शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ हाल ही में हुआ व्यापार समझौता भारतीय किसानों के हितों की रक्षा करता है और इसे सावधानीपूर्वक विचार के बाद अंतिम रूप दिया गया है। जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने सुनिश्चित किया है कि कोई भी निर्णय देश के किसानों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने कहा, मैं भारत का कृषि मंत्री होने के नाते पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि इस व्यापार समझौते में भारतीय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि भारत के किसानों को कोई नुकसान न हो।

आयात पर चौहान ने कहा कि जिन चीजों की भारत को आवश्यकता है, उन्हें आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा, हम आज भी दालों में आत्मनिर्भर नहीं हैं। यदि कोई आवश्यक वस्तु किसी अन्य देश से आती है तो इसमें आपत्ति क्यों? सेब आयात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत लगभग 5.5 लाख मीट्रिक टन सेब आयात करता है। उन्होंने कहा, ये तुर्की और ईरान जैसे देशों से आते हैं। यदि एक लाख मीट्रिक टन अमेरिका से आता है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि हमारे किसानों पर असर न पड़े, तो इसमें समस्या क्या है?

कपास पर उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग को कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि जब कपास उत्पादन कम होता है तो हमें आयात करना पड़ता है। यदि आवश्यकता है तो आपत्ति क्यों होनी चाहिए? कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि वे रोजाना झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, एक नेता हैं जो पार्ट-टाइम राजनेता और फुल-टाइम नाटककार हैं। वे न व्यापार समझते हैं न परंपरा। जिन्होंने कभी गांव और खेत नहीं देखे, वे रोज आरोप लगाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट क्यों लागू नहीं की, जिसमें उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक पर एमएसपी तय करने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने कहा, संप्रग सरकार ने हलफनामा दाखिल किया था कि इससे बाजार बिगड़ जाएगा। नरेन्द्र मोदी ने ही यह निर्णय लिया कि लागत से 50 प्रतिशत अधिक पर एमएसपी दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी पूछा कि 2006-07 में जब रिकॉर्ड चीनी उत्पादन हुआ था तो कांग्रेस ने बफर स्टॉक क्यों नहीं बनाया। उन्होंने कहा, जब कीमतें गिरीं तो किसानों की रक्षा क्यों नहीं की गई? यह कैसा व्यापार था कि चीनी 36 रुपये प्रति किलो आयात की गई और 12.50 रुपये प्रति किलो निर्यात की गई। खाद्य तेल आयात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1993-94 तक भारत खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर था और कांग्रेस सरकार ने खाद्य तेलों को ओपन जनरल लाइसेंस में डालकर देश को आयात पर निर्भर बना दिया। उन्होंने कहा, गोदामों में हजारों टन अनाज पड़ा था। उच्चतम न्यायालय ने भी कहा था कि इसे गरीबों में बांट दो। लेकिन तब की संप्रग सरकार ने कहा कि न्यायालय को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। चौहान ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ही 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता हैं और सरकार किसानों के हितों को बढ़ावा देने और उन्हें तकनीक की मदद से सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, हमें प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए। हमें कृषि को पशुपालन और अन्य गतिविधियों से जोड़ना चाहिए ताकि किसानों की आय बढ़े। हमारा प्रयास किसानों की कठिनाइयों को कम करने और समाप्त करने का है। राजग नेतृत्व में किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में मंत्री ने किसानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्लेटफॉर्म ‘भारत-विस्तार’ लॉन्च किया। यह एक बहु-स्तरीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे कृषि समुदाय को संपूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

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