कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार मंच से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। गुरुवार को पांडबेश्वर में एक जनसभा के दौरान उनके भाषण में देश के मौजूदा ईंधन संकट का जिक्र हुआ। इसके साथ ही चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर प्रक्रिया को संभालने के तरीके की भी आलोचना की गई। ममता ने भगवा खेमे पर देश की जनता को लगातार परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला और संसद में काविड-19 की स्थिति के बारे में उनकी हालिया टिप्पणियों का हवाला दिया। उनके अनुसार, मोदी सरकार एक बार फिर देश की जनता को कतारों में खड़ा होने पर मजबूर करने की तैयारी कर रही है।
गुरुवार चुनाव प्रचार के मंच से बोलते हुए Mamata Banerjee ने बीजेपी पर जानबूझकर लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मोदी शासन में गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। ममता ने कहा कि ये लोग हर मौके पर लोगों को कतारों में खड़ा कर देते हैं। नोटबंदी के दौरान इन्होंने सबको कतारों में खड़ा कर दिया था। अब ये एक और लॉकडाउन लगाने की बात कर रहे हैं। ये एक ‘अलर्ट’ सिस्टम पर विचार कर रहे हैं। जो कुछ हद तक लॉकडाउन जैसा ही होगा। ताकि सबको घरों में ही बंद रखा जा सके।
ममता ने देश में ईंधन की स्थिति और एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई। यह समझाते हुए कि बीजेपी को सत्ता में क्यों नहीं आने देना चाहिए? उन्होंने कहा कि कल मैंने देखा कि गैस सिलेंडर बुक करने की समय-सीमा कथित तौर पर घटाकर 25 दिन कर दी गई है। मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं। मुझे उन पर भरोसा नहीं है लेकिन जाहिर तौर पर कोई भी 25 दिन पूरे होने से पहले सिलेंडर बुक नहीं कर सकता। अगर लोगों की गैस खत्म हो जाए तो वे क्या करेंगे? क्या वे हवा खाकर जिंदा रहेंगे?
ममता बनर्जी यहीं नहीं रुकीं। बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए तृणमूल सुप्रीमो ने ऐलान किया कि ये लोग झूठ के सिवा कुछ नहीं बोलते और लूट-खसोट के सिवा कुछ नहीं करते। अगर ये चाहें तो लॉकडाउन लगा दें। मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। हमने पहले भी काविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और हम फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं।
तृणमूल प्रमुख ने यह सवाल भी उठाया कि हर पोलिंग बूथ पर वोटर लिस्ट अभी तक क्यों नहीं लगाई गई है। पांडबेश्वर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे दावा करते हैं कि लिस्ट तीन दिन पहले ही जारी कर दी गई थी। तो फिर इसे हर जगह अभी तक क्यों नहीं लगाया गया है? वे असल में पूरी चुनावी प्रक्रिया को एक ‘वॉशिंग मशीन’ के जरिए चला रहे हैं और एसआईआर प्रक्रिया के बहाने मनमाने ढंग से लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट रहे हैं। वे पहले ही 58 लाख नाम हटा चुके हैं।
ममता ने दावा किया कि 60 लाख और नाम ‘विसंगति’ श्रेणी में डालकर बाहर कर दिए गए हैं। वे अभी तक लिस्ट क्यों नहीं दिखा पाए हैं? कम से कम वे इसे मीडिया को क्यों नहीं दे पा रहे हैं? ममता ने कहा कि भले ही जांच के दायरे में आए लोगों में से सिर्फ 40 प्रतिशत के नाम ही लिस्ट में शामिल हो पाएं। इसका श्रेय हमें ही जाता है। हमने कड़ी लड़ाई लड़ी और यह जीत हासिल की। हम सुप्रीम कोर्ट तक गए। हमने कई दिन सड़कों पर बिताए।
इसके साथ ही तृणमूल प्रमुख ने उन वैध वोटरों को भरोसा दिलाया जिनके नाम एसआईआर से बाहर कर दिए गए थे और उनके लिए कानूनी सलाह की व्यवस्था करने का वादा किया। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि मैं कार्यकर्ताओं से कहती हूं कि वे उन सभी लोगों से जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करें जिनके नाम छूट गए हैं। उनके लिए फ्री में वकीलों की व्यवस्था करें और उन्हें ट्रिब्यूनल भेजें। ताकि किसी भी एक व्यक्ति का नाम छूट न जाए। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन निजी हमलों के खिलाफ भी आवाज उठाई जो उन पर किए गए थे।
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