नई दिल्ली । जनता दल (यूनाइटेड) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक नोटिस सौंपा है। इसमें पार्टी ने अपने सांसद गिरिधारी यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की है। यह कार्रवाई कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण की गई है। जदयू के लोकसभा संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामत ने यह नोटिस मंगलवार को दिया था।
गिरिधारी यादव बिहार की बांका लोकसभा सीट से सांसद हैं। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यादव के खिलाफ नोटिस इसलिए दिया गया है क्योंकि उनके बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था। उनके बेटे ने राजद के उम्मीदवार के तौर पर बेलहर सीट से चुनाव लड़ा था। यह सीट बांका लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
झा ने बताया कि यादव ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में अलग रुख अपनाया था। जबकि पार्टी इस अभ्यास के पक्ष में थी। उन्होंने कहा, “बिहार में हुए विधानसभा चुनावों के खिलाफ एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। न ही कोई पुनर्मतदान हुआ। किसी ने यह दावा नहीं किया कि वे अपना वोट नहीं डाल पाए क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। चुनाव आयोग ने इतना अच्छा काम किया, लेकिन उन्होंने अलग रुख अपनाया।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कामत ने पार्टी के इस संबंध में लिए गए निर्णय के बाद नोटिस सौंपा है। यह कदम पार्टी के हित में उठाया गया है। उन्होंने कहा, गिरिधारी यादव अब कुछ भी कह रहे हों, लेकिन किसी के भी खिलाफ कार्रवाई की जाती है। जिसका आचरण पार्टी के हित के खिलाफ हो या जिसने पार्टी विरोधी गतिविधि में भाग लिया हो। गिरिधारी जी कोई अपवाद नहीं हो सकते।
प्रसाद ने आगे कहा कि इसीलिए यह निर्णय पार्टी के हित में लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी तरह की राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं है। पार्टी ने अपने सिद्धांतों और हितों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। यह कार्रवाई पार्टी की आंतरिक अनुशासन प्रक्रिया का हिस्सा है। जदयू अपने सदस्यों से पार्टी लाइन का पालन करने की अपेक्षा करती है।
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