सुल्तानपुर । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े आठ वर्ष पुराने मानहानि मामले में शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर खुद को निर्दोष बताया। कहा कि अनायास हाईलाइट होने के लिए उन्हें साजिशन घेरा गया और केस दर्ज करा दिया गया। वह जल्द ही इसके प्रमाण अदालत में पेश करेंगे। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में दिए उनके बयान की सीडी सत्यापित नहीं है, उसमें छेड़छाड़ की गई है। कोर्ट ने अगली सुनवाई नौ मार्च तय की है।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई कथित टिप्पणी पर भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में मानहानि का परिवाद दायर किया था। राहुल गांधी अंतिम बार 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में व्यक्तिगत पेश हुए थे। बीते 19 जनवरी को अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर 20 फरवरी को बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया था।
रायबरेली सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जज शुभम वर्मा की अदालत में करीब 27 मिनट तक अपनी सफाई पेश की। कोर्ट में दिए बयान में उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण उन्हें फंसाया गया है। मेरी व कांग्रेस पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए सत्ता पक्ष की ओर से साजिश के तहत बेबुनियाद आरोप लगाए गए। मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
पेशी के बाद राहुल गांधी मीडिया से बिना बातचीत किए पूर्वाह्न 11:19 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस दौरान कोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी रही। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का स्वागत किया, हालांकि उन्होंने गाड़ी में बैठे-बैठे सबका अभिवादन स्वीकार किया। सड़क से लेकर दीवानी न्यायालय तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस मौके पर कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद रहे।
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