नई दिल्ली । देश में गिग वर्कर्स के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारें गिग वर्कर्स के साथ हो रहे अन्याय को नजरअंदाज कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में काम करने वाले लाखों लोगों के पास न स्थायी आय है, न सामाजिक सुरक्षा और न ही बुनियादी सुविधाएं। उन्होंने इसे सामाजिक और आर्थिक न्याय का बड़ा मुद्दा बताया।
राहुल गांधी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने संसद परिसर स्थित अपने कार्यालय में “जन संसद” बैठक के दौरान गिग वर्कर्स के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बातचीत में यह सामने आया कि गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लोगों को मेडिकल सुविधा, बीमा, तय वेतन और सुरक्षित काम का माहौल नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि काम के घंटे लंबे हैं, आमदनी अनिश्चित है और जीवन संतुलन बिगड़ रहा है। इससे श्रमिकों की गरिमा पर सीधा असर पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि गिग सेक्टर में वर्ग और जाति आधारित भेदभाव गहराई से मौजूद है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स दलित और आदिवासी समुदाय से आते हैं, जिससे उनका शोषण और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि महिला गिग वर्कर्स को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक तरफ आर्थिक असुरक्षा है, दूसरी तरफ सम्मान और सुरक्षा की कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों की जवाबदेही तय नहीं है और सरकार ने सख्त कानून नहीं बनाए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्य गिग वर्कर्स के लिए अधिकार आधारित कानून बनाने पर काम कर रहे हैं। इन कानूनों में सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन और बराबरी के अधिकार को शामिल किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक ऐसा कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसे पूरे देश में लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स की लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई है।
#anugamini
No Comments: