कार्सियांग : भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) के संस्थापक अध्यक्ष अनित थापा ने पूरी SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) सूची से कई मतदाताओं के नाम हटाए जाने की घटना को गंभीर मुद्दा बताया है।
उन्होंने कहा है कि सभी को राजनीति छोड़कर सहयोग करना चाहिए। मिरिक में हुई पार्टी की चुनावी सभा में बोलते हुए थापा ने कहा कि एसआईआर सूची से मतदाता का नाम हटाकर उसकी पहचान ही धूमिल की गई है। यह हमारे लिए गंभीर मामला है। हमारे मतदाता का नाम हटाने से उसकी पहचान ही चली गई है। जिसका नाम हटाया गया है, वह कौन है, कहां का है वह ही गुम हो गया है?
उन्होंने इस मामले को जाति के अस्तित्व से जोड़ते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में विचाराधीन हैं, अब सबको राजनीति छोड़कर उनकी मदद करनी चाहिए। यह राजनीति का मामला नहीं है। यह हमारी जाति के अस्तित्व का मामला है। थापा ने ऐलान किया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनकी तरफ से वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा, हम एक कानूनी सेल खोलेंगे। अब मामला कानूनी हो गया है। हम एक हेल्प डेस्क खोलेंगे। सबके पास कागजात हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर ऐसा बना है, पत्नी का नाम सूची में है लेकिन पति का नहीं, पिता का नाम है लेकिन बेटे का नाम नहीं। उन्होंने सवाल किया कि यह कैसे हुआ।
अनित थापा ने एसआईआर प्रक्रिया को जल्दबाजी और गलत तरीके से लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर सूची में नाम शामिल न होने पर सरकार का क्या नजरिया होगा? एसआईआर का तरीका ही गलत है। इसे जल्दबाजी में लागू किया गया है। सब जानते हैं क्यों। उन्होंने कहा कि मिरिक के लोगों को सरकार की अच्छाइयां लौटानी चाहिए। छोटा मिरिक अब एक महकमा बन गया है। जब मिरिक पर कोई मुसीबत आती है,तो मुख्यमंत्री खुद आपके साथ खड़ी होती हैं। एलबी राई को गुमराह करने से कुछ नहीं होगा। आप खुद गुमराह हो जायेंगे।
उन्होंने कहा कि जब तक मैं राजनीति में हूं, सरकार के साथ मिलकर विकास की राजनीति करूंगा। मैं अपनी राजनीति को लेकर क्लियर हूं। हमारा मुद्दा तभी सुना जायेगा, जब सरकार के पक्ष में कोई विधायक होगा। भाजपा ने गोजमुमो को बेकार कर दिया है। बिमल गुरुंग को भाजपा से उम्मीदवार उठाने के लिए पूछना पड़ता है। बीजीपीएम ने उन मतदाताओं के हक में कानूनी लड़ाई लड़ने की प्रतिवद्धता जताया है जिनके नाम हटा दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के प्रकाशित सूची में दार्जिलिंग से 28,107 नाम, कार्सियांग से 19,869 नाम और कालिम्पोंग से 13,473 नाम हटा दिए गए हैं।
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