गंगटोक : कोविड-19 महामारी और 2023 की विनाशकारी जीएलओएफ आपदा से पैदा हुए लगातार संकटों के बाद, सिक्किम के पर्यटन क्षेत्र ने एक मजबूत और स्थिर वापसी की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज्य में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और हिमालयी राज्य के प्रति एक सुरक्षित और स्थिर यात्रा गंतव्य के रूप में नया विश्वास जागा है।
सिक्किम सरकार के पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के पर्यटन रिकॉर्ड से पता चलता है कि 2022 से राज्य में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, 2024 में जहां 16 लाख से अधिक पर्यटकों को आगमन हुआ, वहीं 2025 में यह संख्या 17 लाख से अधिक हो गई, जो महामारी से हुए नुकसान के बाद सबसे मजबूत रिकवरी है।
महामारी ने सिक्किम की पर्यटन पर निर्भर अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व झटका दिया था। 2020 और 2021 के दौरान लंबे समय तक लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों के कारण पर्यटकों का आना लगभग बंद हो गया था, जिससे होटल, होमस्टे, ट्रैवल एजेंसियां, गाइड और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को लंबे समय तक बंद रहना पड़ा। ऐसे में, आजीविका के लिए पर्यटन पर निर्भर हजारों लोगों को भारी नुकसान हुआ।
जैसे ही उद्योग स्थिर होने लगा, अक्टूबर 2023 में उत्तर सिक्किम में एक ग्लेशियर झील के टूटने से आई आपदा ने नई बाधाएं पैदा कर दीं। इससे, खासकर उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में, प्रमुख पर्यटन मार्गों पर सडक़ें, पुल और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लोकप्रिय गंतव्यों तक पहुंच अस्थायी रूप से बंद हो गई। सुरक्षा चिंताओं और कनेक्टिविटी समस्याओं के कारण रद्द और स्थगित होने के कारण पर्यटकों का आगमन तेजी से गिर गया।
हालांकि, इन झटकों के बावजूद पर्यटन डेटा धीरे-धीरे लेकिन मजबूत रिकवरी करने लगा। 2022 से ही, घरेलू पर्यटन बड़ी संख्या में लौटने लगा, जो यात्रा की दबी हुई मांग और प्रकृति-आधारित एवं कम भीड़भाड़ वाले गंतव्यों के लिए बढ़ती पसंद से प्रेरित था। 2023 तक, जीएलओएफ प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्य जारी रहने के बावजूद, घरेलू पर्यटकों की संख्या में काफी सुधार हुआ।
2024 में महामारी से पहले के स्तर के करीब लौटने का संकेत देते हुए कुल पर्यटकों का आगमन लगभग 16.25 लाख तक पहुंच गया। इसमें घरेलू पर्यटक पुनरुद्धार की रीढ़ थे, जिन्हें बेहतर सडक़ कनेक्टिविटी, बेहतर सुरक्षा उपायों और सिक्किम की स्वच्छता और शांति की प्रतिष्ठा से समर्थन मिला। इसके बाद, 2025 में यह गति और मजबूत हुई। इस साल शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक लगभग 17.45 लाख पर्यटक आए, जो महामारी के बाद सबसे ज़्यादा थे। इनमें से 11.5 लाख से ज़्यादा घरेलू पर्यटक थे, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 60 हजार से अधिक हो गई। यह राज्य में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के धीरे-धीरे फिर से शुरू होने का संकेत देता है। अधिकारियों ने इस बढ़ोतरी का श्रेय कनेक्टिविटी की बहाली, बेहतर पर्यटक सेवाओं और संवेदनशील क्षेत्रों को सावधानी से फिर से खोलने को दिया है।
वहीं, जीओएलएफ के बाद बहाली प्रयासों ने विश्वास को फिर से बनाने में अहम भूमिका निभाई। राज्य सरकार ने मुख्य टूरिस्ट कॉरिडोर, खासकर उत्तर सिक्किम में सड़कों की मरम्मत, पुलों के पुनर्निर्माण और सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता दी। ऊंचाई वाले गंतव्यों को चरणों में फिर से खोला गया, जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेगुलेटेड एक्सेस पर जोर दिया गया। कहना न होगा कि टिकाऊ और विनियमित पर्यटन पर सरकार के फोकस ने रिकवरी को और आकार दिया है। बिना सोचे-समझे विकास करने के बजाय, अधिकारियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट को प्राथमिकता दी है।
इसी कड़ी में, मार्च 2025 में, प्रति पर्यटक 50 रुपये के सस्टेनेबल डेवलपमेंट फंड की शुरुआत लंबी अवधि की मजबूती की दिशा में एक और कदम था। यह फंड स्वच्छता अभियान, कचरा प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर रखरखाव और संरक्षण पहलों का समर्थन करता है, जिससे बढ़ते पर्यटक संख्या और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
दूसरी ओर, पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्रियों की पसंद भी बदली है। महामारी और जीएलओएफ के बाद के पर्यटक लंबे समय तक रुकने, छोटे समूहों और पर्यावरण अनुकूल अनुभवों को चुन रहे हैं। होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन और प्रकृति-आधारित गतिविधियों की मांग बढ़ी है, जो सिक्किम के जिम्मेदार पर्यटन पर लंबे समय से चले आ रहे जोर के अनुरूप है। हालांकि, विदेशी पर्यटकों की संख्या महामारी से पहले की तीव्रता से कम है, लेकिन अधिकारी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्थिर और सावधानी भरी वापसी की रिपोर्ट कर रहे हैं, खासकर वे जो ट्रेकिंग, संस्कृति और इकोलॉजी में रुचि रखते हैं। बहरहाल, इंफ्रास्ट्रक्चर बहाल होने और सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत होने के साथ, अधिकारी आने वाले वर्षों में लगातार विकास के बारे में आशावादी हैं।
#anugamini #sikkim
No Comments: