सिक्किम समावेशी, संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में अग्रसर : प्रेम सिंह तमांग

गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश

गंगटोक : भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवमय अवसर पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने राज्यवासियों तथा देशभर के समस्त भारतीय नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति अटूट आस्था के साथ सिक्किम समावेशी, संवेदनशील और सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है, जिसने भारत को एक सशक्त लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के संविधान पर हमारे विश्वास को पुनः सुदृढ़ करता है, जो प्रत्येक नागरिक को गरिमा, अधिकार और अवसर प्रदान करता है। सिक्किम के लिए यह अवसर भारतीय संघ के 22वें राज्य के रूप में शामिल होने के बाद की उल्लेखनीय यात्रा पर आत्ममंथन का भी है।

उन्‍होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में सिक्किम एक दूरस्थ हिमालयी क्षेत्र से देश के सबसे शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और अनुशासित राज्यों में परिवर्तित हुआ है। एकता, अनुशासन तथा प्रकृति और समुदाय के प्रति सम्मान ने राज्य के विकास को दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के जिला सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में सिक्किम अग्रणी प्रदर्शनकर्ता राज्य के रूप में उभरा है, जहां राज्य के सभी छह जिले फ्रंट रनर श्रेणी में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था स्थिर और सतत विकास पथ पर है, प्रति व्यक्ति आय उच्च बनी हुई है और जनता के जीवन-स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी हिमालय में स्थित एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य के रूप में सिक्किम अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क संपर्क, सुरक्षा, सक्षमता, सम्मान, स्वच्छता और जनसंपर्क-इन आठ स्तंभों पर आधारित विकास मॉडल के माध्यम से सुनौलो, समृद्ध और समर्थ सिक्किम के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। ये सभी प्रयास मिलकर समग्र समृद्धि अर्थात संपन्नता की दिशा में राज्य को अग्रसर कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य ही सशक्त और सहनशील समाज की नींव है। इसी सोच के तहत स्वास्थ्य को राज्य के विकास दृष्टिकोण के केंद्र में रखा गया है, ताकि स्थान या आय की स्थिति चाहे जो भी हो, प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए सिक्किम ने बहु-स्तरीय समन्वित स्वास्थ्य प्रणाली की ओर निर्णायक परिवर्तन किया है।

सिच्‍चे स्थित नया एसटीएनएम आज राज्य का प्रमुख सुपर-स्पेशियलिटी केंद्र बन चुका है, जहां न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, यूरोलॉजी, बाल शल्य चिकित्सा, प्लास्टिक सर्जरी तथा कार्डियो-थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कैंसर सर्जरी, हृदय संबंधी जटिल हस्तक्षेप और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसे उपचार अब राज्य में ही सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। राज्य के पहले कैंसर केयर सेंटर की स्थापना से संपूर्ण कैंसर उपचार अब सिक्किम में संभव हो गया है। डायलिसिस सेवाएं अब एसटीएनएम तक सीमित न रहकर नामची, मंगन, गेजिंग और जोरथांग तक विस्तारित की गई हैं। 500 बिस्तरों वाला नामची जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ के रूप में कार्य कर रहा है। 300 बिस्तरों वाला सिंगताम अस्पताल और 100 बिस्तरों वाला पाकिम अस्पताल अंतिम चरण में हैं, जबकि 100 बिस्तरों वाला मंगन जिला अस्पताल संचालन में आ चुका है।

उन्‍होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मल्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पुनर्निर्माण सहित पीएचसी और उप-केंद्रों का उन्नयन जारी है। सोचेगांग, सिच्छे में राज्य मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष 100 एमबीबीएस छात्र प्रवेश लेंगे। ऑपरेशन थिएटर, ऑक्सीजन प्रणाली, आपातकालीन इकाइयां, मोबाइल ग्राम क्लीनिक, रक्त भंडारण केंद्र, डिजिटल अस्पताल प्रणाली, भरोसेमंद बिजली और कोल्ड-चेन सुविधाएं दूरदराज़ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ कर रही हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुविधा योजना के तहत सभी स्थायी निवासी बीपीएल-एपीएल परिवार और पात्र कर्मचारी शामिल हैं, जिससे कोई भी आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना के माध्यम से अंग प्रत्यारोपण, जटिल शल्य चिकित्सा और कैंसर उपचार हेतु 11,000 से अधिक रोगियों को जीवनरक्षक सहायता दी गई है। ‘हाम्रो दवाई दोकान योजना’ के तहत दीर्घकालिक और जीवन-घातक रोगों की दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। वात्सल्य योजना के अंतर्गत आईवीएफ उपचार के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे 300 से अधिक दंपती लाभान्वित हो चुके हैं।

उन्‍होंने कहा कि आईसीएमआर, डीबीटी, डीएचआर और एम्स के सहयोग से सिक्किम को कैंसर रोकथाम और प्रारंभिक पहचान का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 14 वर्ष की सभी किशोरियों को एचपीवी गार्डसिल टीका और 30-65 वर्ष की महिलाओं के लिए एचपीवी स्व-परीक्षण किट उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिक्षा सुधार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, किंडरगार्टन प्रणाली, मुख्यमंत्री मेंटरशिप कार्यक्रम, सड़क अवसंरचना, कौशल विकास, ‘एक परिवार एक उद्यमी’ योजना, महिला एवं बाल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, बड़ी इलायची मिशन, सामाजिक सम्मान योजनाएं, स्वच्छता मॉडल, और कनेक्ट टू सीएम जैसी नागरिक-केन्द्रित पहल पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang ने कहा कि आठ स्तंभों पर आधारित यह विकास मॉडल एक ऐसे सिक्किम की नींव रखता है जहां हर परिवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, आय, गरिमा और अवसर की सुरक्षा प्राप्त हो। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर सम्मानित सभी व्यक्तियों को बधाई देते हुए कहा कि एकता, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास से सिक्किम भारत के सशक्त, समृद्ध और समावेशी भविष्य में निरंतर योगदान देता रहेगा।

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