दार्जिलिंग : चाय बागानों में न्यूनतम वेतन अधिनियम (मिनिमम वेजेस एक्ट) को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट (आईजीजेएफ) के अंतर्गत ट्रेड यूनियन ‘हाम्रो हिल तराई डुआर्स चिया श्रमिक संघ’ (एचएचटीडीसीएसएस) द्वारा निकाली गई विरोध रैली को संबोधित करते हुए आईजीजेएफ प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस और केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वे चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी कम से कम 500 रुपये तक बढ़ाकर दिखाएं।
मॉल रोड स्थित आईजीजेएफ पार्टी कार्यालय से निकली रैली में शामिल एडवर्ड्स ने पत्रकारों से कहा, देश को स्वतंत्र हुए वर्षों बीत चुके हैं, फिर भी चाय श्रमिक शोषण से मुक्त नहीं हो पाए हैं। प्रतिदिन 220 रुपये की मजदूरी में परिवार चलाना मुश्किल है, और स्कूल फीस व वर्दी का खर्च तो और अधिक भारी पड़ता है।
Ajoy Edwards ने सत्तारूढ़ दलों के उन नेताओं पर व्यंग्य करते हुए कहा जो वोट मांगने के लिए चाय बागानों का दौरा करते हैं, जो लोग कहते थे कि जीटीए के अंतर्गत चाय बागान नहीं आते, वही अब वोट मांगने के लिए चाय बागानों में जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है। चुनाव की घोषणा से पहले ही मिनिमम वेजेस एक्ट लागू करने की मैं चुनौती देता हूं। यदि राज्य सरकार ऐसा करती है, तो इस बार हम आंख बंद करके टीएमसी को वोट देंगे।
भाजपा पर 2019 और 2021 के वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यदि गोरखा समुदाय की 11 जाति-उपजातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए तो भाजपा को वोट दिया जाएगा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित एडवाइजरी कमेटी के पांच वर्षों से निष्क्रिय रहने का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोनों सरकारों से अपने वादे पूरे करने का आग्रह किया।
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