दार्जिलिंग : दार्जिलिंग के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट (Raju Bista) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए इसे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने इस समावेशी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हार्दिक आभार जताया। सांसद बिष्ट ने कहा कि यह बजट युवाशक्ति को प्राथमिकता देता है, आर्थिक रूप से पिछड़े, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को लाभ पहुंचाता है तथा ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि यह बजट विकास की गति को और तेज करेगा।
सांसद बिष्ट के अनुसार, सरकार द्वारा घोषित 12.2 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय में वृद्धि से देशभर में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। इसमें परिवहन (5,98,520 करोड़ रुपये), रक्षा (5,94,585 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (2,73,108 करोड़ रुपये), कृषि (1,62,671 करोड़ रुपये), शिक्षा (1,39,289 करोड़ रुपये), ऊर्जा (1,09,029 करोड़ रुपये), स्वास्थ्य (1,04,599 करोड़ रुपये), शहरी विकास (85,522 करोड़ रुपये), वाणिज्य एवं उद्योग (70,296 करोड़ रुपये), सामाजिक कल्याण (62,362 करोड़ रुपये) और पूर्वोत्तर विकास (6,812 करोड़ रुपये) के लिए बजट आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे दार्जिलिंग पहाड़, तराई, डुआर्स और पश्चिम बंगाल को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सेवा क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएं, देखभाल प्रणाली, चिकित्सा पर्यटन, आयुष और खेल क्षेत्र को बजट से बड़ा लाभ मिलने की बात कहते हुए सांसद बिष्ट ने कहा कि शिक्षा-रोजगार, सड़क, स्वास्थ्य सुधार और 1.5 लाख देखभालकर्ताओं के प्रशिक्षण से समुदाय का कौशल बढ़ेगा। पर्यटन प्रधान दार्जिलिंग के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना और 10 हजार गाइडों के प्रशिक्षण का प्रस्ताव युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। इसके अलावा पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेक, पक्षी अवलोकन ट्रेल, पूर्वोत्तर के बौद्ध सर्किट के विकास तथा सिंकोना बागानों को चिकित्सा, पर्यटन और आयुष से लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही।
सिलीगुड़ी-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (दिल्ली से जुड़ने वाला) से उत्तर बंगाल, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में यात्रा, पर्यटन और व्यापार सुगम होगा, जबकि दानकुनी-सूरत फ्रेट और औद्योगिक कॉरिडोर से बंगाल के उत्पादन, वस्त्र, इंजीनियरिंग और लघु उद्योगों में परिवर्तन आएगा। पूर्वी भारत में डिजाइन संस्थान तथा एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) प्रणाली रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई वृद्धि कोष और ट्रेड रिसीवेबल डिस्काउंटिंग प्रणाली चाय बागान, पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को सशक्त बनाएगी। कृषि आय बढ़ाने के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की उत्पादकता बढ़ाने के प्रस्ताव से उत्तर बंगाल के संतरा, अनार, कॉफी, फूल और बागवानी क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
समग्र रूप से यह बजट युवाओं के लिए बड़े रोजगार अवसर खोलेगा, औद्योगिक निवेश बढ़ाएगा, लघु उद्योगों को गति देगा, लॉजिस्टिक्स में सुधार करेगा, पर्वतीय सतत पर्यटन को बढ़ावा देगा और बंगाल की राष्ट्रीय व वैश्विक व्यापार में भूमिका को मजबूत करेगा, ऐसा सांसद बिष्ट ने कहा।
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