दार्जिलिंग : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सांसद राजू बिष्ट को दार्जिलिंग पहाड़ियों और गोरखाओं के मुद्दों पर तुरंत बातचीत आयोजित करने का वादा किया है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने आज संसद भवन कार्यालय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के दौरान गृह मंत्री शाह ने सांसद बिष्ट से दार्जिलिंग हिल्स और गोरखाओं के बारे में बात की और उन्हें बताया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है तथा उन्होंने इस मुद्दे पर तत्काल वार्ता आयोजित करने का वादा किया।
यह जानकारी सांसद राजू बिष्ट ने दी। सांसद बिष्ट ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग पहाड़ियों और गोरखाओं की समस्याओं को हल करने के लिए जल्द ही एक संवाद चैनल खोलने का वादा किया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्थानीय राजनीतिक दलों के नेतृत्व के साथ बातचीत की जाएगी, जिसके लिए आईबी रिपोर्ट से लेकर सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। सांसद बिष्ट ने फोन पर बताया कि अब केवल वार्ता की तारीख की घोषणा होनी बाकी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बताया है कि वार्ता जल्द ही होगी।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने अपने हालिया पार्टी चुनाव घोषणापत्र (संकल्प) में भी गोरखाओं की दो मांगों पर ध्यान देने का वादा किया था। इसी आधार पर भाजपा को पहाड़ी इलाकों से भी भारी वोट मिले। यद्यपि भाजपा ने केंद्र में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के दो कार्यकाल पूरे कर लिए हैं और अपना तीसरा कार्यकाल भी शुरू कर दिया है, लेकिन गोरखाओं से किए गए अपने वादों को पूरा करने में देरी हो रही है। दो मुख्य मुद्दे हैं – स्थायी राजनीतिक समाधान (पीपीएस) और शेष 11 गोरखा जातियों और समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देना।
पीपीएस के गठन पर बातचीत केंद्र की पहल के अनुसार त्रिपक्षीय वार्ता के माध्यम से की जा रही है, जिसमें हितधारकों, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बैठकर समाधान निकालने की उम्मीद है। यद्यपि वार्ता की खबर एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन हितधारकों के लिए अपनी मांगों/मुद्दों के अनुसार तैयारी करना भी उतना ही आवश्यक है।
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