दार्जिलिंग : लोकसभा सांसद, दार्जिलिंग क्षेत्र तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चाय बगान और सिंकोना बगान के रोजगार रिकॉर्ड को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रमाणीकरण के लिए वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने के निर्णय का हार्दिक स्वागत और आभार व्यक्त किया है।
Raju Bista ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि अक्टूबर 2025 में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर और नवंबर में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल से मुलाकात कर यह मांग रखी थी। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालीबोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कोचबिहार, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जैसे जिलों में चाय बागान, चाय मज़दूर और वनवासी समुदायों की अधिकता का उल्लेख करते हुए बिष्ट ने कहा था कि यहां के चायकर्मियों और सिंकोना कर्मियों के पास रोजगार रेकॉर्ड के अलावा अन्य आधिकारिक दस्तावेज न होने की स्थिति हो सकती है। ब्रिटिश काल से और स्वतंत्रता के बाद भी ऐसी स्थिति बनी रही है तथा भूमि अधिकार के अभाव में ये लोग कागज़ात से वंचित रहे हैं और साथ ही वन अधिकार कानून 2006 भी पश्चिम बंगाल में लागू न होने के कारण ये लोग मतदाता सूची से वंचित रहे हैं।
बिष्ट का कहना है कि चुनाव आयोग के इस निर्णय से हजारों नागरिकों को पहचान और निवास प्रमाण के साथ मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर मिलेगा। उनका यह भी कहना है कि इससे चाय और सिंकोना बगान के रेकॉर्ड भविष्य में सरकारी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज बन जाएंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के प्रति भी आभार व्यक्त किया और उल्लेख किया कि उन्होंने भी चाय बगान और सिंकोना श्रमिकों के कल्याण के लिए आवाज उठाई है।
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