दार्जिलिंग : भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रति जीटीए के पूर्व चेयरमैन और सभासद विनय तमांग ने आभार व्यक्त किया है।
विनय तमांग ने यहां एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मैं भारत सरकार, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रति नेपाली भाषा में भारतीय संविधान के डिजिटल संस्करण के औपचारिक विमोचन के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। इसमें अन्य आठ भारतीय भाषाएं भी शामिल हैं। यह महत्वपूर्ण पहल समावेशिता, सांस्कृतिक बहुलवाद और सभी भाषाई समुदायों के समान संवैधानिक सम्मान के प्रति राष्ट्र की अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
तमांग ने कहा कि डिजिटल संवैधानिक प्लेटफ़ॉर्म में नेपाली भाषा का आधिकारिक समावेश, संवैधानिक साक्षरता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विकास भारत के सभी नेपाली भाषी गोरखा नागरिकों के लिए गहरे भावनात्मक और नागरिक महत्व से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इससे मातृभाषा में समझ और सहभागिता बढ़ेगी तथा संविधान, जो देश का सर्वोच्च कानून है, और जनता के जीवन के बीच प्रत्यक्ष संबंध स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वामित्व की भावना को मजबूत करेगी और अधिक जागरूक, आत्मविश्वासी और सहभागी नागरिकता की नींव को और मजबूत करेगी।
तमांग ने कहा कि भारत सरकार का यह दूरदर्शी निर्णय न केवल विविधता की रक्षा करता है, बल्कि इसे भारतीय एकता के सार के रूप में भी प्रस्तुत करता है और भाषायी विरासत के संरक्षण के प्रति केंद्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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