दार्जिलिंग : नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के प्रमुख बिमल गुरुंग ने कल शनिवार को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है।
गोजमुमो प्रमुख बिमल गुरुंग ने सांसद राजू बिष्ट के नेतृत्व में गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी महासचिव रोशन गिरी भी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डुआर्स की दीर्घकालीन समस्याओं के स्थायी समाधान-संभवतः पृथक राज्य गोरखालैंड अथवा राज्य संभव न होने की स्थिति में केंद्रशासित प्रदेश-की मांग रखी। साथ ही गोरखा समुदाय की 11 जाति-समुदायों को जनजाति का दर्जा देने की मांग भी दोहराई गई, जो भाजपा के संकल्प पत्र में शामिल रही है। गोजमुमो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इन विषयों पर चर्चा होने की जानकारी दी। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व इस मुलाकात को लेकर विभिन्न अटकलें लगाई जा रही हैं।
चूंकि गोजमुमो एक पंजीकृत राजनीतिक दल है, इसलिए निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार उसे चुनाव में भाग लेना आवश्यक है। लगातार चुनाव न लड़ने की स्थिति में आयोग दल का पंजीकरण रद्द कर सकता है, जैसा कि पहाड़ की एक पुरानी पार्टी गोरखा राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (गोरामुमो) सहित कई दलों के साथ हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में गोजमुमो द्वारा उम्मीदवार उतारना लगभग तय माना जा रहा है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर उम्मीदवार देने की अपील कर रही है और इस संबंध में बातचीत जारी है।
गृह मंत्री से हुई मुलाकात, विधानसभा चुनाव और पार्टी की रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा एवं निर्णय के लिए शनिवार को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय समिति की बैठक बुलाई गई है। सूत्रों के अनुसार, चुनावी रणनीति लगभग तैयार है और बैठक में उम्मीदवारों के नाम सहित अन्य विषयों पर पार्टी प्रमुख बिमल गुरुंग स्पष्टता दे सकते हैं।
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