गंगटोक : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को अपने परिसर में पौधरोपण अभियान और सतत कचरा प्रबंधन पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” थीम के तहत मनाये गये इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास सचिव अनिल राज राई, प्रधान मुख्य अभियंता सुकबीर सुब्बा, विशेष सचिव सह एसबीएम-जी मिशन निदेशक कोशी कपिल, विशेष सचिव सह मनरेगा परियोजना निदेशक छिरिंग ल्हादेन लाचुंग्पा, संयुक्त सचिव दीपक राई, संयुक्त एसबीएम-जी सचिव रोशन सुब्बा, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन प्रधान, सिचे सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी एवं अन्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एसबीएम-जी मिशन निदेशक कोशी कपिल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि इसे वर्षभर जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण की शपथ को व्यवहार में उतारने और दैनिक जीवन में टिकाऊ आदतों को अपनाने की अपील की। वहीं, अपने संबोधन में ग्रामीण विकास सचिव अनिल राज राई ने कपड़ा और परिधान कचरे की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा अभी भी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन पुराने और फेंके गए कपड़े भी गंभीर पर्यावरणीय समस्या बनते जा रहे हैं, क्योंकि इनके पुनर्चक्रण की संभावनाएं सीमित हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक खरीदारी कम करने, वस्तुओं का पुन: उपयोग करने और जिम्मेदार उपभोग की आदत अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। इसमें स्रोत पर कचरे का पृथक्करण, प्रदूषण फैलाने वालों पर जुर्माना, ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था, बड़े कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी, ग्रामीण स्थानीय निकायों की भूमिका, सामग्री पुनर्प्राप्ति केंद्रों तक कचरे का संग्रहण और परिवहन, पर्यटन से जुड़े कचरे का प्रबंधन तथा अपशिष्ट प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया। राई ने सतत विकास और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके अलावा, राई ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने “एक पेड़ मां के नाम” स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु अभियान के तहत पौधरोपण किया। यह अभियान मातृत्व, प्रकृति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के सम्मान में पौधा लगाने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का भी दौरा कराया गया, जहां कचरे के पृथक्करण, वर्गीकरण और प्रसंस्करण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने कचरा प्रबंधन से संबंधित प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और सतत विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को मजबूत संदेश दिया।
No Comments: