गंगटोक : सिक्किम में आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच राज्य की ग्यारहवीं विधानसभा का चौथा सत्र आज संपन्न हो गया। इस सत्र में कई अहम वित्तीय और विधायी प्रस्ताव पारित किये गये, जिनमें 2026-27 के लिए लेखानुदान, 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगें और कई अन्य बिल शामिल हैं। ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब कर रहा है।
सिक्किम विधानसभा का यह एक दिवसीय सत्र आज राज्यपाल Om Prakash Mathur के संबोधन के साथ शुरू हुआ। इसके बाद ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सह वित्त विभाग के प्रभारी प्रेम सिंह तमांग ने इस चर्चा का जवाब दिया और बाद में कई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्तावों को सदन में पेश किया।
इस सत्र का एक मुख्य आकर्षण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लेखानुदान प्रस्तुतिकरण और उसे पारित किया जाना रहा। यह अंतरिम बजट राज्य सरकार को सिक्किम की ‘समेकित निधि’ से 8,323.31 करोड़ तक की राशि निकालने की अनुमति देता है। यह राशि तब तक के लिए है जब तक चुनावों के बाद पूर्ण बजट पेश नहीं हो जाता, ताकि राज्य के आवश्यक खर्चों को पूरा किया जा सके।
गौरतलब है कि यह कदम 23 मार्च को नगर निकाय चुनावों की घोषणा के साथ लागू हुई ‘आदर्श आचार संहिता’ के मद्देनजर अंतरिम व्यवस्था के लिए उठाया गया है।
इसके साथ ही, विधानसभा ने वर्ष 2025-26 के लिए ‘अनुदान की प्रथम अनुपूरक मांगों’ को भी मंजूरी दे दी, जिसमें काफी अतिरिक्त खर्च शामिल है। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, इस संशोधित परिव्यय में विभिन्न विभागों के लिए राजस्व और पूंजीगत व्यय के रूप में कुल मिलाकर 11,361.96 करोड़ रुपए से अधिक का आवंटन शामिल है। इसमें जिन प्रमुख क्षेत्रों को हिस्सा मिला है, उनमें बिजली, सडक़ें एवं पुल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और शहरी बुनियादी ढांचा शामिल हैं। विशेष रूप से, पूंजीगत व्यय का एक बड़ा हिस्सा अकेले बिजली क्षेत्र को आवंटित किया गया है, जो ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है।
सदन ने अनुपूरक अनुदानों से संबंधित सिक्किम विनियोग विधेयक और लेखानुदार से जुड़े ‘विनियोग विधेयक’ को भी पारित कर दिया। इन विधेयकों के पारित होने से राज्य के खजाने से धनराशि की कानूनी निकासी का मार्ग प्रशस्त हो गया है। विधायी मोर्चे पर, विधानसभा ने सिक्किम नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश कर पारित किया, जिसका उद्देश्य शहरी शासन तंत्र को मजबूत करना है। एक अन्य घटनाक्रम में, विद्वान कौशल एवं नवाचार विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 को उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया।
सत्र के दौरान पाकिम हवाई अड्डे का नाम बदलकर त्रिलोचन पोखरेल हवाई अड्डा करने का एक उल्लेखनीय प्रस्ताव भी लाया गया जो राज्य में दिए गए योगदानों को सम्मानित करने की सरकार की ओर से एक प्रतीकात्मक पहल है। इस सत्र में कई ऑडिट और समिति रिपोर्ट भी पेश की गईं। मुख्यमंत्री तमांग ने मार्च 2023 और मार्च 2024 को समाप्त होने वाले वित्त वर्षों के लिए सिक्किम राज्य व्यापार निगम से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट, 2024-25 के लिए पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं की समेकित ऑडिट रिपोर्ट पेश कीं।
इसके अलावा, लोक लेखा समिति ने कई ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ पेश कीं, जबकि सरकारी आश्वासन समिति ने 2019 और 2023 के बीच विभिन्न विधानसभा सत्रों में दिए गए आश्वासनों के कार्यान्वयन पर अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। इसके अलावा, कार्यवाही संबंधी कार्यों में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रमुख विधानसभा समितियों का चुनाव और नामांकन शामिल था, जिनमें लोक लेखा समिति, प्राक्कलन समिति, नियम समिति और अन्य समितियां शामिल थीं। अध्यक्ष ने विभिन्न आयोगों और सरकारी विभागों की वार्षिक रिपोर्ट, साथ ही सिक्किम आनंद विवाह पंजीकरण नियम, 2026 को सदन के पटल पर रखने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर सदन को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सरकार प्रमुख बनने पर बधाई दी और “विकसित भारत 2047”, “एक भारत श्रेष्ठ भारत” और “सबका साथ, सबका विकास” जैसी राष्ट्रीय पहलों के महत्व को दोहराया। उन्होंने सिक्किम को लगातार समर्थन देने के लिए भारत सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
तमांग ने कहा, लेखानुदान की शुरुआत यह सुनिश्चित करती है कि आवश्यक सरकारी व्यय सुचारू रूप से जारी रहे, साथ ही चुनावी प्रक्रिया की शुचिता भी बनी रहे।” उन्होंने सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों तथा मीडिया और प्रशासनिक कर्मचारियों का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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