गंगटोक : जिला प्रशासन केंद्र (डीएसी), गंगटोक में आज गंगटोक जिले से संबंधित तात्कालिक मुद्दों की समीक्षा हेतु समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर गंगटोक तुषार जी निखारे ने अपने कार्यालय कक्ष में की। बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल संकट, राज्य में एवियन इन्फ्लुएंजा के मामलों तथा तुमिन-लिंगे क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जल संकट के मुद्दे पर जिला कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (पीएचई) विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित जल स्रोतों के निरीक्षण के दौरान जलवैज्ञानिकों को भी साथ रखा जाए। उन्होंने शहरी जल संकट से निपटने हेतु विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की तथा गंगटोक जिले के लिए वैकल्पिक जल स्रोत बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित भुसुक परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण उपायों के महत्व पर भी जोर दिया गया।
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग की अतिरिक्त निदेशक सुश्री एमिला शेंगा ने एवियन इन्फ्लुएंजा पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने इसके लक्षण, संक्रमण के तरीके और राज्य में पाए गए मामलों की जानकारी दी। उन्होंने ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो मानव, पशु और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के संतुलन के लिए एक समन्वित और बहु-विषयक रणनीति है। साथ ही 2021 की एवियन इन्फ्लुएंजा रोकथाम, नियंत्रण एवं प्रबंधन कार्ययोजना तथा विभिन्न विभागों की भूमिकाओं पर प्रकाश डाला।
जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को एवियन इन्फ्लुएंजा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और वनाग्नि रोकथाम संबंधी परामर्श जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीडीओ से प्रखंड स्तर की तैयारियों की जानकारी ली तथा अग्निशमन विभाग की कार्ययोजना की भी समीक्षा की।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर छिरिंग नोर्ग्याल थेंग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त निदेशक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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