नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पिछली कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपीए के समय देश में नीतिगत लकवा, घोटाले और मजबूरी में किए गए सुधार देखने को मिले, जबकि मौजूदा सरकार ने विश्वास और स्पष्ट सोच के साथ काम किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में हर तरफ घोटालों की चर्चा थी और फैसले लेने में देरी होती थी। इससे दुनिया में भारत की छवि कमजोर हुई। उन्होंने कहा, ‘जब देश में नीतिगत लकवा था और हर तरफ घोटाले थे, तब कौन भारत पर भरोसा करता?’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, उस समय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कमजोर था, बड़े देशों के साथ सिर्फ चार ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) थे, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में लालफीताशाही ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि पहले सुधार तब होते थे जब देश किसी बड़ी मुश्किल में फंस जाता था।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि साल 1991 में आर्थिक संकट के कारण उदारीकरण करना पड़ा, जब देश लगभग दिवालिया होने की स्थिति में था। इसी तरह 26/11 मुंबई हमले के बाद ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) बनाई गई। उन्होंने कहा कि उस समय फैसले दूरदर्शिता से नहीं, बल्कि मजबूरी में लिए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाया गया है, बायोफार्मा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर पर खास जोर है। इसके साथ ही भारत अब कई देशों के साथ बड़े व्यापार समझौते कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब दुनिया भारत पर भरोसा करती है क्योंकि देश आत्मविश्वास से भरा हुआ है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब किसी दूसरे देश का मॉडल कॉपी नहीं करता। साल 2015 में नीति आयोग की स्थापना के बाद से देश ने अपना रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया में हर देश अपनी मजबूती बढ़ा रहा है और भारत वैश्विक विकास का नया इंजन बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दस वर्षों में युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों को सशक्त बनाने पर काम हुआ है। नवाचार और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि देश अब संकटों से घिरा हुआ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ है और दुनिया की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
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