गंगटोक : राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा आयोजित स्कूल लाइब्रेरियन के लिए पांच दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आज एससीईआरटी ऑडिटोरियम में समापन हो गया। 9-13 फरवरी तक चले इस कार्यक्रम में दीक्षा के तहत हिंदी और नेपाली में नई किताबों के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग सत्र भी शामिल रहा।
समापन समारोह में शामिल विधायक सह ग्रामीण विकास सलाहकार कला राई (Kala Rai) ने नए मौकों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत बताते हुए स्कूलों में सुसज्जित पुस्तकालय बनाने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने मानव पुस्तकालय की अवधारणा के बारे में भी बात की और बच्चों में पढ़ने की आदतें डालने की जरूरत बताई। उन्होंने परंपराओं और विरासत के साथ गहरा जुड़ाव बनाने में संस्कृति तथा मानव पुस्तकालय की भूमिका के बारे में बताया। वहीं, उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण से मिली सीख को अपने-अपने स्कूलों में लागू करने की अपील करते हुए राज्य का भविष्य बनाने में शिक्षकों की अहम भूमिका पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में एससीईआरटी निदेशक शांतिराम अधिकारी ने इसके महत्व पर जोर देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के मुताबिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। इसमें स्कूलों में कार्यरत पुस्तकालय बनाना जरूरी है। इसके अलावा, अधिकारी ने एससीईआरटी अटेंडीज को हर जरूरी सहयोग और मदद देने का भरोसा दिलाया। इसके अलावा, एससीईआरटी की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सह फैकल्टी सदस्य निकिता गुरुंग ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत विवरण दिया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए रिसोर्स पर्सन में सिक्किम यूनिवर्सिटी के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ सुजीत कुजूर, सिक्किम यूनिवर्सिटी की डॉ सर्वधा, नर बहादुर भंडारी डिग्री कॉलेज के डॉ सांगे ल्हामू भूटिया, कॉलेज के डॉ दीना सुब्बा, गवर्नमेंट फार्मेसी कॉलेज की रिक्की सिंह सिंटूरी, परिषद से जुड़ी प्रिंसिपल डॉ राजू शर्मा, सहायक प्रोफेसर राजू प्रधान और डाइट की हरका माया राई शामिल थीं।
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