नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय बैठक हुई आयोजित

ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने पर हुई चर्चा

नामची : नामची डीसी कार्यालय में एडीसी तिरसांग तमांग की अध्यक्षता में आज नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की जिला स्तरीय बैठक हुई। बैठक में जिला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोनम डी भूटिया, एएसपी बिकाश तिवारी, एसीएफ (टी) भुवन सुब्बा, एसडीएम (मुख्यालय) निम पिंछो भूटिया, एनकॉर्ड कमेटी के सदस्य एवं अन्य मौजूद थे। इस दौरान गैर-कानूनी चीजों के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने और उनके वितरण के लिए जिम्मेदार नेटवर्क पर रोकथाम हेतु कई रणनीतिक उपायों पर गंभीरता विचार किया गया।

इसकी शुरुआत में एसएसपी सोनम भूटिया ने जिले में ड्रग तस्करी और नशे के अवैध इस्तेमाल से निपटने के लिए चल रही कोशिशों और प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न संबंधित विभागों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का आकलन किया। उन्होंने संबंधित विभागों को तय डेडलाइन के अनुसार महीने का डेटा और रिपोर्ट समय पर जमा करने, नियमित निरीक्षण एवं जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने जिले में ड्रग की समस्या से असरदार तरीके से निपटने हेतु पुलिस विभाग, संबंधित विभाग और निजी संगठनों के बीच मजबूत सहयोग की अपील की। उन्होंने लगातार जागरूकता अभियान और समय पर पहचान एवं हस्तक्षेप को आसान बनाने के लिए रैपिड टेस्टिंग सुविधाओं तक बेहतर पहुंच के महत्व पर भी जोर दिया।

बैठक में, अध्यक्ष एडीसी तिरसांग तमांग ने महीने के केस अपडेट की समीक्षा की और कृषि एवं वन विभागों से जिले में भांग की खेती का पता लगाने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से भी कहा कि वे गैर-कानूनी चीजों का सही दस्तावेजीकरण करें और संबंधित अधिकारियों को महीने की रिपोर्ट दें। इस अवसर पर एएसपी बिकाश तिवारी ने पिछले कुछ महीनों में नारकोटिक (एनडीपीएस) कानून और सिक्किम एंटी-ड्रग्स एक्ट (एसएडीए) के तहत कुल 13 केस दर्ज किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि इनमें से तीन केस नामची, पांच जोरथांग, दो तिमी-तारकू, दो मल्ली में और एक यांगांग थाने में दर्ज किए गए हैं।

उनके साथ, एसीएफ (टी) भुवन सुब्बा ने सभी वन क्षेत्र में हर महीने जांच किए जाने की जानकारी दी और कहा कि आज तक भांग की खेती का कोई नया मामला नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि भांग की खेती के पिछले दो मामलों में विभाग ने उन्हें खत्म करने के लिए सभी तय कानूनी तरीकों का पालन किया था। उन्होंने इसकी नियमित जांच जारी रहने का भरोसा दिलाया।

इसके साथ, एआरटीओ संजीत दास राई ने पूरे जिले में नियमित वाहन जांच की जानकारी देते हुए बताया कि जिन मामलों में ड्राइवर शराब या दूसरी चीजों के नशे में पाए जाते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिए जाते हैं और दूसरी बार दोषी पाए जाने पर हमेशा के लिए कैंसल कर दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।

वहीं, अतिरिक्त शिक्षा निदेशक तिलक कुमार छेत्री ने बताया कि सलाह के अनुसार, 22 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, 34 सेकेंडरी स्कूल, 57 जूनियर स्कूल और लगभग 100 प्राइमरी स्कूल में एनकॉर्ड कमेटियां बनाई गई हैं, जिससे जिले के लगभग सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल कवर हो गए हैं। बैठक में सीएमओ डॉ जुनिता योंजन ने डॉक्टर की लिखी दवाओं का गलत इस्तेमाल रोकने और फार्मास्यूटिकल दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री पर रोक लगाने के लिए फार्मेसी की नियमित जांच की जानकारी दी। बैठक के दौरान, ड्रग्स सफाई अभियान और मल्ली एवं जोरेथांग के एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड के सदस्यों ने कई चिंताएं जाहिर कीं, साथ ही यह भी माना कि ड्रग ट्रैफिकिंग कुछ हद तक कम हो गई है।

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