गंगटोक : सिक्किम के शहरी विकास विभाग की ओर से गंगटोक के एक स्थानीय होटल में आज पहला राज्य स्तरीय अर्बन कॉन्क्लेव 2026 आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहरी विकास एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भोजराज राई ने मुख्य अतिथि के रूप में की, जबकि शहरी विकास विभाग के सलाहकार दिले नामग्याल बारफुंग्पा सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर यूडीडी की अध्यक्ष सुश्री चुंग चुंग भूटिया , विशेष कार्य अधिकारी सुश्री देव कुमारी प्रधान, आयुक्त सह सचिव जितेंद्र सिंह राजे तथा प्रधान मुख्य वास्तुकार सह सचिव सुश्री योगिता राई सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अपने संबोधन में मंत्री भोजराज राई ने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति और विकास के संकेत सबसे पहले उसके बाजारों और शहरी केंद्रों में दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि शहरी अवसंरचना और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना न केवल जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक है, बल्कि आर्थिक विकास के लिए भी अहम है।
उन्होंने परियोजनाओं के निरंतर क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि विभाग में स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि प्रमुख परियोजनाओं से जुड़े अधिकारी उन्हें प्रभावी ढंग से पूर्ण कर सकें। इससे संस्थागत स्मृति बनी रहेगी और कार्य निष्पादन की दक्षता बढ़ेगी। मंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि परियोजना प्रस्ताव तकनीकी और वित्तीय रूप से पूरी तरह तैयार कर ही प्रस्तुत किए जाएं, ताकि बार-बार संशोधन और अनावश्यक देरी से बचा जा सके।
उन्होंने शहरी शासन को मजबूत करने के लिए नियामक प्रणालियों में सुधार, लाइसेंसिंग और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने तथा राजस्व रिसाव रोकने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने छोटे और बड़े प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित नियामक ढांचा विकसित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे शहरी विकास सुव्यवस्थित और न्यायसंगत होगा। मंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों से लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने तथा बाजारों और शहरी केंद्रों में आवश्यक नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
उन्होंने जमीनी स्तर पर सेवा वितरण सुधारने के लिए शहरी निकायों के कर्मचारियों को सशक्त बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। सकारात्मक और समाधान-उन्मुख कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से एक टीम के रूप में कार्य करने तथा चुनौतियों को नवाचार के अवसर के रूप में देखने की अपील की। साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए।
यूडीडी के सलाहकार दिले नामग्याल बारफुंग्पा ने अपने संक्षिप्त संबोधन में इस कॉन्क्लेव को समयोचित पहल बताते हुए कहा कि इससे विभाग के कार्यकलापों और चुनौतियों की स्पष्ट समझ विकसित हुई है। उन्होंने सामूहिक विचार-विमर्श और साझा सीख की सराहना करते हुए नागरिक-केंद्रित और व्यावहारिक समाधानों पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने, पारदर्शिता बढ़ाने और दोषारोपण की संस्कृति से बचने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने स्ट्रीट लाइटिंग, जल निकासी और स्थानीय जलधाराओं (झोरा) के रखरखाव जैसे बुनियादी शहरी मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। इससे पूर्व उद्घाटन भाषण में आयुक्त सह सचिव जितेंद्र सिंह राजे ने कहा कि सिक्किम के शहरी भविष्य के लिए दीर्घकालिक, दूरदर्शी और समाधान-आधारित रोडमैप की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि इस कॉन्क्लेव की परिकल्पना मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग द्वारा की गई थी, ताकि सभी हितधारकों के बीच खुली चर्चा के माध्यम से राज्य सरकार की सतत और समावेशी शहरी विकास की दृष्टि के अनुरूप रचनात्मक विचार सामने आ सकें।
उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण सिक्किम में बाज़ारों का विस्तार, स्वच्छता कवरेज और बुनियादी ढांचे में वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ जलापूर्ति, यातायात, स्वच्छता और बेहतर सेवाओं की बढ़ती मांग जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। श्री राजे ने सिक्किम की संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी का उल्लेख करते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नगर नियोजन और वैज्ञानिक शहरी प्रबंधन ही समावेशी और पर्यावरण-सम्मत विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।
कॉन्क्लेव के तकनीकी सत्रों की शुरुआत विशेष सचिव सह निदेशक (नगर निकाय) हेमंत राई की प्रस्तुति से हुई, जिसमें उन्होंने विभाग के समक्ष लंबित प्रशासनिक और संस्थागत समस्याओं पर प्रकाश डाला। इसके बाद गंगटोक नगर निगम, जोरथांग, रंगपो, सिंगताम, नामची, गेजिंग, मंगन नगर पंचायतों, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, एडीबी समर्थित सिक्किम एकीकृत शहरी विकास परियोजना तथा रोपवे परियोजना सहित विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों ने प्रस्तुतियां दीं।
शहरी निर्माण, शहरी वित्त, नगर नियोजन, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर विषयगत समूह चर्चाएं भी आयोजित की गईं। आठ घंटे तक चले इस कॉन्क्लेव का समापन संयुक्त मुख्य नगर नियोजक सुश्री संजना प्रधान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इससे पहले स्वागत भाषण प्रधान मुख्य वास्तुकार सह सचिव सुश्री योगीता राई ने दिया।
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