गंगटोक : Sikkim Democratic Front (एसडीएफ) पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा प्रेस और पब्लिसिटी प्रभारी श्री एमएन दहाल ने कहा है कि यदि सरकार और जनता समय रहते नहीं जागी, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम इस मिट्टी से जुड़े हुए हैं, इसलिए राज्य और समुदाय के हित की रक्षा सबकी जिम्मेदारी है।
दहाल ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सिक्किम के मूल निवासी नहीं होने के कारण राज्य से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़ पाते। ऐसे में उनका मुख्य उद्देश्य नौकरी और आय तक सीमित रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारिक वर्ग और सत्ता के बीच पैसों के कारण गहरे संबंध बन जाते हैं, जिससे आम जनता और स्थानीय समुदाय के हित प्रभावित होते हैं।
उन्होंने कहा कि सिक्किम में नेपाली समुदाय के संबंध में कुछ लोग अब भी यह मान्यता रखते हैं कि वे बाहरी हैं, जो चिंताजनक है। यदि संसाधनों का दोहन बाहरी लोगों द्वारा होता रहा तो राज्य एक दिन आर्थिक रूप से अपंग हो सकता है। इसके प्रभाव से सभी समुदाय-नेपाली, भूटिया, लेप्चा और पुराने व्यापारी-समान रूप से प्रभावित होंगे।
एमएन दहाल ने कहा कि यदि स्थानीय कानून मजबूत नहीं किए गए और अपने स्रोत-साधनों की सुरक्षा नहीं की गई तो भविष्य में राजनीतिक रूप से भी हमारा अस्तित्व कमजोर हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह जैकब खालिंग के राजनीतिक विरोधी हैं, लेकिन दोनों सिक्किमवासी हैं और सिक्किम के अधिकारों की रक्षा सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि विशेष रूप से नेपाली समुदाय की स्थिति की शीघ्र समीक्षा की जाए। दाहाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और जनता अब भी नहीं जागी, तो बहुत देर हो जाएगी।
#anugamini #sikkim
No Comments: