मुंबई । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भवन निर्माण के दौरान धूल प्रदूषण को कम करने के लिए पूर्वनिर्मित (प्रीकास्ट) और इस्पात (स्टील) निर्माण विधियों को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। उन्होंने कहा, पूरी दुनिया में आपको मजतबूत कंक्रीट मिश्रण देखने को नहीं मिलता। आपको स्टील और पूर्वनिर्मित संरचनाएं ही दिखती हैं। शायद ये थोड़ी महंगे हैं। मैं इस बारे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत करने की सोच रहा था कि क्या हम इसके लिए रियायतें और प्रोत्साहन दे सकते हैं।
पीयूष गोयल उत्तरी मुंबई के मलाड पश्चिम उपनगर में स्थित आदर्श कॉम्पलैक्स में व्यापारियों और हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। यह बैठक 15 जनवरी को होने वाले मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान उड़ने वाली धूल प्रदूषण का कारण बनती है। उन्होंने मजबूत कंक्रीट निर्माण की मशीनों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। गोयल ने कहा, मैंने अपने (संसदीय निर्वाचन क्षेत्र) क्षेत्र से चार-पांच मशीनें हटवा दी हैं।
गोयल ने यह भी सुझाव दिया कि प्रदूषण पैदा करने वाली प्रक्रियाओं का उपयोग न करने को अनिवार्य बनाने के बजाय, बिल्डरों के बीच सहमति बनाकर पूर्वनिर्मित और स्टील निर्माण विधियों का इस्तेमाल कर प्रदूषण को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उत्तरी मुंबई से भाजपा के लोकसभा सदस्य और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने यह भी जोर दिया कि सार्वजनिक मैदानों को विशेष रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों के लिए आवंटित किया जाना चाहिए।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा, ये नगर निगम चुनाव हैं, इसलिए मैं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात नहीं करूंगा, जैसे कि मेरी हाल ही में ब्रसेल्स दौरा हुआ, जहां मैंने यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लगभग अंतिम रूप दे दिया था।
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