दार्जिलिंग : हमें एकजुट होना ही होगा, तभी दिल्ली हमारी आवाज सुनेगी। यह कहना है इंडियन गोरखा जन शक्ति फ्रंट के केंद्रीय संयोजक अजय एडवाडर्स का। उन्होंने देश के उत्तर–पूर्वी राज्यों को एकजुट करने का आह्वान करते हुए आज त्रिपुरा के अगरतल्ला में एकता रैली का आयोजन किया। आयोजित रैली में इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट के केंद्रीय संयोजक अजय एडवार्ड्स विशेष रूप से उपस्थित थे।
एकता रैली को संबोधित करते हुए Ajoy Edwards ने कहा कि हम उत्तर–पूर्वी राज्यों के मूल निवासी हैं। यहां कई तरह की समस्याएं हैं, लेकिन हमारी समस्याओं पर दिल्ली ध्यान नहीं देती। इसका मुख्य कारण यह है कि हमारे पास सांसदों की संख्या बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना है, तो हमें एकजुट होना ही पड़ेगा; एकजुट होने के बाद ही हमारे सांसदों की संख्या बढ़ेगी। आज हमारे पास केवल एक सांसद होने के कारण, हमारी जातीय पहचान, भूमि के अधिकार और अन्य समस्याओं पर दिल्ली ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई है।
उन्होंने कहा कि यदि उत्तर–पूर्वी राज्य एकजुट हो जाएं, तो दिल्ली हमारी हर समस्या का समाधान खोजने के लिए बाध्य होगी। आने वाले दिनों में उत्तर–पूर्वी राज्यों के एकजुट होने की दिशा में वे आशावादी हैं और मानते हैं कि इससे सांसदों की संख्या बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि इससे संसद में हम त्रिपुरावासियों, नागाओं, गोरखाओं और मणिपुरी समुदाय की हर समस्या उठाने में सक्षम होंगे और सरकार का ध्यान आकर्षित कर सकेंगे। हमारी एकता एक बहुत बड़ी शक्ति बनेगी।
अजय एडवार्ड्स ने कहा कि आज की एकता रैली में उपस्थित सभी नेताओं के अपने–अपने क्षेत्र और समुदाय के प्रति अलग-अलग विजन हैं, और गोरखा समुदाय का विजन मेरे पास है। उन्होंने कहा कि हम भले ही आज अपने विजन में सफल न हों, लेकिन कल अवश्य सफल होंगे। दार्जिलिंगवासियों का विजन बंगाल से अलग गोरखालैंड है। गोरखा समुदाय पिछले सौ वर्षों से अलग राज्य का सपना देख रहा है और चाहे जितना समय लगे, यह सपना देखना कभी बंद नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि हम भारतीय नागरिक हैं और भारत का संविधान हमें अलग राज्य की मांग करने का अधिकार देता है। उन्होंने त्रिपुरा के लोगों के ग्रेटर त्रिपुरा की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि हम इससे अवगत हैं और आप भी अपने विजन को जिंदा रखें, उसे खत्म न होने दें। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियां, हमारे बच्चे और पोते–पोती, अलग राज्य के हमारे इस विजन को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा कि भले ही उत्तर–पूर्वी राज्यों की अपनी–अपनी मांगें हैं, लेकिन इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है कि हम कैसे एकजुट हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी आदिवासी समुदायों को पूरा न्याय नहीं मिला है। दार्जिलिंग के कई चाय बागानों में श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बहुत कम है, जिससे परिवार का पालन–पोषण करना कठिन है।
इसीलिए, उत्तर–पूर्वी राज्यों का एकजुट होना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा अजय एडवार्ड्स ने आह्वान किया। आज की एकता रैली में नेशनल पीपल्स फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोनराड के संगमा, त्रिपुरा के प्रमुख नेता प्रद्योत विक्रम माणिक्य देवबर्मन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे-यह जानकारी इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
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