नई दिल्ली (ईएमएस)। उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष गठबंधन इंडिया के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि वह अपनी उम्मीदवारी पर विचार करने को लेकर लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को पत्र लिखेंगे। अगर मुझे उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा करने का अवसर दिया गया तो वह संविधान की रक्षा करेंगे।
उन्होंने कहा कि संविधान के साथ मेरी यात्रा 1971 में शुरू हुई। जब मुझे आंध्र प्रदेश बार काउंसिल के अधिवक्ता के रूप में नामांकित किया गया। इसके बाद वे उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बने। बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि मैं किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य नहीं हूं। मैं कभी किसी राजनीतिक दल या संगठन का सदस्य नहीं रहा। भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल का सदस्य बनने का मेरा कोई इरादा नहीं है। यही कारण है कि मैं एकमात्र उम्मीदवार हूं जो सभी राजनीतिक दलों, रंगों, मतों के सांसदों से अनुरोध कर सकता हूं कि वे मेरी उम्मीदवारी पर उसके गुणों के आधार पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि मैं दोनों सदनों के सभी सदस्यों को एक विस्तृत पत्र लिखने का प्रस्ताव करता हूं। मैं सभी सदस्यों को व्यक्तिगत पत्र लिखकर उनसे मेरी उम्मीदवारी पर विचार करने की अपील करता हूं। मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपील करुंगा। यदि मुझे मौका मिला तो मैं भाजपा नेतृत्व से मिलने को तैयार हूं।
इससे पहले दिन में रेड्डी ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट मांगने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की। ठाकरे ने रेड्डी से कहा कि उनकी पार्टी और महा विकास अघाड़ी के अन्य घटक उपराष्ट्रपति चुनाव में पूरे दिल से उनका समर्थन कर रहे हैं। शिवसेना प्रमुख ने रेड्डी की जीत की उम्मीद जताते हुए कहा कि चमत्कार हो सकते हैं। एनडीए के जो सांसद देश से प्यार करते हैं, वे रेड्डी को वोट दे सकते हैं।
बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि उद्धव ठाकरे के समर्थन के बिना विपक्ष में मेरी उम्मीदवारी पर आम सहमति संभव नहीं होती। वह आधुनिक महाराष्ट्र का निर्माण करने वाले राजनेता का आशीर्वाद लेने आए हैं। रेड्डी की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए पवार ने कहा कि जब एनडीए के उम्मीदवार राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल थे, तब एक मुख्यमंत्री को राजभवन के अंदर गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने पूछा कि वह भारत के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद को क्या सम्मान देंगे?
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रेड्डी ने इस बात को खारिज कर दिया कि यह मुकाबला दक्षिण बनाम दक्षिण का है, क्योंकि दोनों उम्मीदवार दक्षिणी राज्यों से हैं। उन्होंने कहा कि इसे इस तरह से चित्रित करना सबसे अनुचित है। यह दो व्यक्तियों के बीच मुकाबला है। देश एक है, राष्ट्र एक है।
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