गजेन्द्र सिंह शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, भारत सरकार जनवरी 2024 में, जब पावन नगरी अयोध्या में सूर्योदय हुआ। सदियों से लुप्त हो चुकी प्रार्थना अब आखिरकार गुंजायमान होने लगी थी। श्री राम की अपने राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महज एक धार्मिक उपलब्धि नहीं थी। यह सभ्यता के उद्धार का क्षण था। सदियों…
डॉ. शैलेश शुक्ला हर साल 7 जून को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस न केवल उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन के प्रति जागरूक करने का अवसर है, बल्कि यह पूरी वैश्विक खाद्य प्रणाली की समीक्षा करने का भी क्षण है। आज जब विज्ञान और तकनीक का स्तर चाँद तक पहुँच गया है, तब भी…
निर्मल रानी हमारे देश में रेलगाड़ियों व बसों को आम यात्रियों के मुख्य यातायात के साधन के रूप में देखा जाता है। देश के अधिकांश यात्री एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिये प्रायः इन्हीं साधनों का इस्तेमाल करते हैं। केंद्र सरकार जहाँ यात्रियों की सुविधाओं के लिये समय समय पर नई,आधुनिक व…
हरदीप सिंह पुरी भारत कुछ दिन पहले ही जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वर्ष 2014 से, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, भारत की जीडीपी 2025 में दोगुनी से अधिक बढ़कर 4.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो चुकी है। यह सुधारों, उदारपूर्ण नीति और आत्मनिर्भरता की निरंतर खोज पर…
चैतन्य प्रसाद प्रामाणिक कहानियों और रचनात्मक मनोरंजन की भूखी दुनिया में, भारत वैश्विक मीडिया परिदृश्य में क्रांति लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) महज मीडिया और मनोरंजन से जुड़ा एक हितधारक भर नहीं है – यह एक ऐसे परिवर्तनकारी दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है जो दुनिया भर…
जगत प्रकाश नड्डा इस विश्व टीबी दिवस पर, मैं इस बात पर बहुत गर्व के साथ विचार करता हूँ कि भारत टीबी के खिलाफ़ लड़ाई में किस तरह से अपनी रणनीति को फिर से लिख रहा है। हाल ही में संपन्न 100-दिवसीय सघन टीबी-मुक्त भारत अभियान ने न केवल नवाचार की शक्ति का प्रदर्शन किया…
गजेंद्र सिंह शेखावत केन्द्रीय संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री यदि आप भारत के गांव-कस्बों से गुजरें तो ऐसे असंख्य लोग मिल जाएंगे. जो प्रातः स्नान करते समय ‘गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती । नर्मदे सिंधु कावेरी जलेऽस्मिन् संनिधि कुरु॥‘ का मंत्रोच्चार कर रहे होंगे। इस मंत्र का अर्थ है- हे यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु,…
अमिताभ कांत कुंभ मेला, विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में से एक है और यह आस्था, एकता और मानवता के ईश्वर से शाश्वत संबंध का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं में निहित, यह चार पवित्र स्थलों- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक- पर अमरता का अमृत छलकने का स्मरण दिलाता है। सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रहों…
राकेश अचल भारत में लोकतंत्र खतरे में हो या न हो लेकिन तमाम विपक्षी दल जरूर खतरे में नजर आ रहे हैं। अनेक क्षेत्रीय दल अब सत्तारूढ़ भाजपा से मोर्चा लेने के बजाय उसकी शरण में जाने के लिए लालायित दिखाई दे रहे हैं। भारत के दो दलीय लोकतंत्र के लिए एक तरह से ये…
सनत जैन डिजिटल युग में, डेटा किसी भी देश का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन ओर खजाना बन गया है। जिस प्रकार प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है, उसी प्रकार व्यक्तिगत जानकारी, प्राकृतिक जानकारी तथा विभिन्न किस्म का नॉलेज और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा और प्राथमिकता तय करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। डेटा सुरक्षा कानून लंबे…